Vande Mataram Controversy: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज रविवार को हरिद्वार के प्राचीन अवधूत मण्डल आश्रम में आयोजित संत समागम में पहुंचे. इस दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस मौके पर उनके साथ उपस्थित रहे. कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि वंदे मातरम भारत माता की वंदना का गीत है.1937 में मुस्लिम लीग के दबाव में कांग्रेस ने वंदे मातरम के दो टुकड़े करने का फैसला किया और यही बाद में भारत के विभाजन का आधार बना था. अब फिर से वंदे मातरम के टुकड़े करने का अपराध और पाप कांग्रेस कर रही है और देश इसको सहन नहीं करेगा. फिर से देश को बांटने की साजिश सफल नहीं होने दी जाएगी.पूरा वंदे मातरम गाया जाएगा.
“वोट-बैंक की राजनीति के कारण गीत का अपमान किया”
वहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि कांग्रेस ने 1937 में अपने अधिवेशन में मुस्लिम लीग के दबाव में वंदे मातरम को बांटा था. आज भी तुष्टीकरण की नीति के कारण और वोट-बैंक की राजनीति के कारण इस गीत का उन्होंने अपमान किया है. वंदे मातरम गीत को गाते हुए देश की आजादी के लिए लाखों लोगों ने, लाखों आंदोलनकारियों ने अपने प्राणों का बलिदान कर दिया. उसका उन्होंने अपमान किया है.
“क्या देवी-देवताओं का अपमान उनको अच्छा लग रहा है”
सीएम धामी ने आगे कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में अगर वंदे मातरम के पांचवें पहरे, जिसमें हमारे देवी-देवताओं का जिक्र किया गया है, मैं उत्तराखंड कांग्रेस के लोगों से पूछना चाहता हूं कि क्या देवी-देवताओं का अपमान उनको अच्छा लग रहा है? यहां मां नंदा, सुन्नंदा हैं, मां चंडी हैं, मां धारी, मां पूर्णागिरी हैं. हमारे यहां घर-घर में देवी-देवाताओं का वास है. इसलिए देवभूमि कहा जाता है, निश्चित रूप से यह दुष्टिकरण की राजनीति है.
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