Gangstors : देशभर में सक्रिय गैंगस्टरों और उनके बढ़ते नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ा कदम उठाने जा रही हैं। इस संबंध में मंगलवार को चंडीगढ़ में हाईलेवल बैठक हुई जिसमें राष्ट्रीय जांच एजेंसी के महानिदेशक समेत अनेक राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हुए। बैठक में गैंगस्टरों के खिलाफ संयुक्त रणनीति बनाने, कॉमन डेटाबेस तैयार करने और आतंकवाद से जुड़े गैंगस्टर नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई की योजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
गैंगस्टर गिरोहों पर कार्रवाई
इस हाईलेवल बैठक का मुख्य उद्देश्य अलग-अलग राज्यों में सक्रिय गैंगस्टर गिरोहों पर प्रभावी और समन्वित कार्रवाई करना था. बैठक में एनआईए के डीजी के अलावा पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हुए. अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति और गैंगस्टरों के बदलते तौर-तरीकों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया. साथ ही राज्यों के बीच बेहतर तालमेल बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
गैंगस्टरों का एक कॉमन डेटाबेस बनेगा
बैठक में सबसे अहम प्रस्ताव गैंगस्टरों का एक कॉमन डेटाबेस तैयार करने को लेकर रहा. इस डेटाबेस में अलग-अलग राज्यों में सक्रिय गैंगस्टरों, उनके सहयोगियों, नेटवर्क और गतिविधियों की जानकारी साझा की जाएगी. अधिकारियों ने इस बात पर भी चर्चा की कि किस राज्य में कौन-सा गैंग सबसे ज्यादा सक्रिय है और उसके खिलाफ किस तरह की रणनीति अपनाई जानी चाहिए. इससे राज्यों के बीच सूचना साझा करने की प्रक्रिया और तेज होने की उम्मीद है।
देश के बडे गैंगस्टरों पर चर्चा
बैठक में खास तौर पर लॉरेंस बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया और रोहित गोदारा जैसे बड़े गैंगस्टरों के सिंडिकेट पर चर्चा हुई. इन गैंगों के देशभर में फैले नेटवर्क, उनके ऑपरेशन के तरीके और उन पर संयुक्त कार्रवाई की रणनीति तैयार करने पर अधिकारियों ने विचार किया. हाल के दिनों में इन गैंगस्टरों की गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पहले से अधिक सतर्क हैं और उनके नेटवर्क को तोड़ने के लिए समन्वित अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है।
अपराधियों के अंतरराष्ट्रीय संपर्क
बैठक में हाल ही में सामने आए अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम का भी जिक्र हुआ. अधिकारियों ने चर्चा की कि अमेरिकी जांच एजेंसी ने हाल ही में लॉरेंस बिश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया से जुड़े मामले में चार्जशीट तैयार की है. इसके अलावा गैंगस्टरों के अंतरराष्ट्रीय संपर्क, विदेशों में बैठे उनके सहयोगियों और सीमापार से मिलने वाली मदद को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया. सुरक्षा एजेंसियों का फोकस ऐसे नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने पर है।
सीमा पार से ड्रग्स, हथियार और आंतकी गतिविधियों पर चिंता
पंजाब सीमा के जरिए पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से भेजे जा रहे हथियार और मादक पदार्थ भी बैठक का अहम मुद्दा रहे. अधिकारियों ने इस बात पर चिंता जताई कि सीमा पार से आने वाले हथियार और ड्रग्स का इस्तेमाल कई गैंगस्टर गिरोह आपराधिक वारदातों में कर रहे हैं. इसे रोकने के लिए नई कार्ययोजना तैयार करने पर सहमति बनी। साथ ही पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी द्वारा गैंगस्टरों के जरिए आतंक फैलाने की कथित साजिशों और टेरर-गैंगस्टर नेटवर्क से निपटने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई. बैठक में शामिल सभी राज्यों के अधिकारियों ने अपने-अपने राज्यों में सक्रिय गैंगस्टरों और उनके नेटवर्क से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं, ताकि भविष्य में संयुक्त और अधिक प्रभावी कार्रवाई की जा सके.
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