Reservation Hatao Andolan: दिल्ली के जंतर-मंतर पर 21 अगस्त को हुए आरक्षण हटाओ आंदोलन के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने आज(27 अगस्त) आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों से मुलाकात की. जेपी नड्डा के आवास पर हुए बैठक में हर्ष दुबे, रण बहादुर सिंह चौहान और मृत्युंजय पाठक समेत टीम के सदस्यों के साथ सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत की. नड्डा ने एक्स पर पोस्ट कर मुलाकात की जानकारी देते हुए लिखा कि 21 अगस्त को जंतर मंतर पर हुए आंदोलन के उपरान्त पूर्व निर्धारित समय के अनुसार हर्ष दुबे,रण बहादुर सिंह चौहान व मृत्युंजय पाठक,टीम के सदस्यों से सौहार्द पूर्ण वार्ता हुई.इस क्रम में हम शीघ्र ही फिर मिलेंगे.
नड्डा से मुलाकात के बाद हर्ष दुबे की आई प्रतिक्रिया
आरक्षण हटाओ आंदोलन के मेंबर हर्ष दुबे ने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से हुई मुलाकात पर कहा कि लोगों ने जानना नहीं चाहा कि ये इनविटेशन आगे बात पहुंचाने के लिए है.आज जहां तक बात पहुंच सकती थी,वहां तक पहुंचाई गई है.अगर 21 अगस्त को हमारे आंदोलन को ध्वस्त कर दिया पुलिस प्रशासन के द्वारा,तो हमारे लोगों में एकता होनी चाहिए थी.हमें एकता दिखानी चाहिए थी कि अगर हर्ष दुबे अभी यहां नहीं हैं,तो हमें अब अपने आंदोलन को आगे बढ़ाना चाहिए.लेकिन वो किसी ने नहीं किया और आपस में ही लड़ने लग गए.जो लोग आरोप लगा रहे हैं कि हर्ष दुबे घर बैठकर सिर्फ बातें कर रहा है,तो उन्हें बता दें कि अभी हम घर नहीं गए हैं.
“कोई इस आंदोलन का प्रमुख चेहरा नहीं है”
हर्ष दुबे ने आगे कहा कि कोई इस आंदोलन का प्रमुख चेहरा नहीं है.आंदोलन एक संगठन होता है.मैंने शुरू से कहा है कि आंदोलन में कोई चेहरा नहीं होता है.आंदोलन का मतलब होता है,एक संगठन,एक समूह,जिसकी लिस्ट अगर निकाली जाए तो कोई लिस्ट बन ही नहीं सकती है.लाखों लोग जो दिल्ली तक आए थे, वो सारे आंदोलन के चेहरे हैं.जो लोग घर पर बैठकर इस विषय को आगे बढ़ा रहे हैं,वो सारे आंदोलन के चेहरे हैं.जो इस विषय पर बात कर रहे हैं, वो सारे आंदोलन के चेहरे हैं.
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