Israel: इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में 900 साल पुराने ब्यूफोर्ट किले और आसपास की पहाड़ियों पर कब्जा कर लिया है। कब्जे के बाद इजराइली सैनिकों ने किले पर अपना झंडा फहरा दिया। इजराइली अधिकारियों की ओर से रविवार को जारी तस्वीरों और वीडियो में किले पर इजराइली झंडे लहराते दिखाई दिए। इजराइली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा कि सेना ने आसपास के गांवों में कई दिनों तक चली भीषण लड़ाई और हवाई हमलों के बाद यह कामयाबी हासिल की है। अल जजीरा के मुताबिक पिछले 26 साल में इजराइल की लेबनान में सबसे बड़ी घुसपैठ है।
ब्यूफोर्ट सेना का अड्डा
ब्यूफोर्ट किला 1982 से 2000 तक दक्षिणी लेबनान पर इजराइली कब्जे के दौरान उसकी सेना का एक प्रमुख सैन्य अड्डा था। 700 मीटर ऊंची पहाड़ी पर बने इस किले से दक्षिणी लेबनान के अलावा इजराइल के बड़े हिस्से पर नजर रखी जा सकती है। इसलिए इसका सैन्य महत्व बहुत ज्यादा माना जाता है। इजराइल और लेबनान के बीच 17 अप्रैल को सीजफायर का ऐलान हुआ था। इसके बावजूद इजराइल ने हमले जारी रखे हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक इजराइल किसी संभावित अमेरिका-ईरान समझौते से पहले हिजबुल्लाह को अधिकतम नुकसान पहुंचाना चाहता है।
नेतन्याहू ने हिजबुल्लाह के गढ़ों पर कब्जे का आदेश दिया
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उन्होंने सेना को लेबनान में अपने जमीनी अभियान का दायरा और बढ़ाने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि इजराइल अब उन इलाकों पर अपनी पकड़ और मजबूत करेगा जो पहले हिजबुल्लाह के कंट्रोल में थे। यह बयान ऐसे समय आया है जब इजराइली सेना लितानी नदी को पार कर दक्षिणी लेबनान में और अंदर तक पहुंच चुकी है। इजराइल ने लितानी नदी से आगे जहरानी नदी तक के इलाके को भी युद्ध क्षेत्र घोषित कर दिया है और कई कस्बों के लोगों को वहां से निकलने के आदेश दिए हैं।
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