Iran President Resignation: ईरान की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के इस्तीफा देने की खबर सामने आई. एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि उन्होंने देश के सर्वोच्च नेतृत्व को अपना इस्तीफा सौंपते हुए सरकार को बड़े फैसलों से बाहर किए जाने और कट्टरपंथी ताकतों के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताई है.हालांकि राष्ट्रपति कार्यालय और सरकारी सूत्रों ने इन खबरों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे विदेशी मीडिया की अफवाह बताया है.
इस्तीफे की रिपोर्ट से मचा राजनीतिक भूचाल
रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कथित तौर पर देश के सर्वोच्च नेतृत्व को भेजे पत्र में कहा कि सरकार और राष्ट्रपति को महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों से दूर रखा जा रहा है.उन्होंने आरोप लगाया कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC)के कट्टरपंथी गुट अहम मामलों पर नियंत्रण स्थापित कर चुके हैं. पेजेश्कियान ने ऐसी परिस्थितियों में अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियां निभाने में असमर्थता जताते हुए तत्काल प्रभाव से पद छोड़ने का अनुरोध किया है.
राष्ट्रपति कार्यालय ने बताया निराधार दावा
इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद राष्ट्रपति कार्यालय के संचार और सूचना प्रसार के उप-प्रमुख सैयद मेहदी तबाताबेई ने रिपोर्ट को पूरी तरह खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि यह एक विदेशी नेटवर्क द्वारा फैलाया गया झूठा और भ्रामक नैरेटिव है. तबाताबेई ने दावा किया कि कुछ लोग बिना किसी तथ्य के विवाद खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं और राष्ट्रपति के इस्तीफे संबंधी खबरों में कोई सच्चाई नहीं है.
राष्ट्रपति पद पर कायम हैं पेजेश्कियान-सरकारी सूत्र
IRGC से जुड़ी तस्नीम न्यूज एजेंसी ने भी सरकारी सूत्रों के हवाले से इस्तीफे की खबरों को खारिज किया है.एजेंसी के अनुसार राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कोई इस्तीफा नहीं दिया है और वह अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं.अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रपति जनता की सेवा और देश की एकता के लिए प्रतिबद्ध हैं तथा विदेशी मीडिया द्वारा फैलाए जा रहे दुष्प्रचार का कोई आधार नहीं है.



