Cabinet Meeting: नई दिल्ली में आज(15 जुलाई) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट और CCA की बैठक हुई. बैठक के बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सात बड़े फैसले लिए गए हैं. पहले दो फ़ैसले वाराणसी में नए तरीके से इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का प्रोग्राम है. तीसरा और चौथा फ़ैसला सेमीकॉन 2.0 मिशन और मोबाइल फ़ोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को मंज़ूरी दी गई. पांचवां है कि भारत यूरिया उत्पादन में आत्मनिर्भर कैसे बने, यूरिया के लिए नेशनल इन्वेस्टमेंट पॉलिसी को मंज़ूरी दी गई. छठा और सातवां फ़ैसला रेलवे अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट्स से जुड़ा है, जिसमें डबलिंग प्रोजेक्ट और चौथी लाइन का प्रोजेक्ट शामिल है.
“हर साल करीब 15 करोड़ पर्यटक आ रहे हैं”
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आगे बताया कि काशी में हर साल करीब 15 करोड़ पर्यटक आ रहे हैं. काशी में बुनियादी ढांचे के विकास का बहुत काम हुआ है और आज एक अगले स्तर के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए दो बड़ी मंजूरियां दी गई हैं. आज वरुणा नदी के किनारे पूरा 6 लेन और 4 लेन एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी मिली है. यह बहुत महत्वपूर्ण परियोजना है. इसके साथ ही काशी में गंगा के साथ-साथ एक पूरा छह-लेन वाला एलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा. वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर और गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर मिलकर शहर के ट्रैफिक को पूरी तरह से खत्म कर देंगे.
“दोनों तरह के रोज़गार पैदा होंगे”
उन्होंने कहा कि देश ने बहुत सफलता हासिल की है क्योंकि प्रधानमंत्री अपनी हर यात्रा के दौरान सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के नेताओं से मिलते हैं. यह एक रणनीतिक इंडस्ट्री है. दुनिया के कई देशों ने इसे पहले ही रणनीतिक इंडस्ट्री घोषित कर दिया है. सेमीकॉन 1.0 के तहत मंज़ूरी पाए 12 माइक्रोन प्लांट में से तीन प्लांट में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो चुका है. यहां से जापान, यूरोप और अमेरिका को फिर से चिप्स का एक्सपोर्ट किया जा रहा है. सेमीकॉन 2.0 पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इससे लगभग 4 लाख करोड़ रुपये का निवेश, 2 लाख करोड़ रुपये का उत्पादन और 1 लाख करोड़ रुपये का निर्यात होने की उम्मीद है. ‘सेमीकॉन 2.0’ के आने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष, दोनों तरह के रोज़गार पैदा होंगे. यह एक बुनियादी उद्योग है, यहां बनने वाली चिप्स का इस्तेमाल कई अन्य क्षेत्रों में किया जाता है.



