India AI Impact Summit 2026: राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के भारत मंडपम में हो रहे इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 का आज चौथा दिन है. यह समिट ग्लोबल लेवल पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर भारत की रणनीति और नेतृत्व की दिशा तय करने वाला अहम मंच माना जा रहा है. AI इम्पैक्ट समिट को गूगल और अल्फाबेट के CEO सुंदर पिचाई ने भी संबोधित किया. उन्होंने कहा कि भारत वापस आकर बहुत अच्छा लग रहा है. हर बार जब मैं आता हूं, तो बदलाव की रफ्तार देखकर हैरान रह जाता हूं और आज भी कुछ अलग नहीं है.
सुंदर पिचाई ने बताया कि जब मैं स्टूडेंट था, तो मैं अक्सर चेन्नई से IIT खड़गपुर तक कोरोमंडल एक्सप्रेस ट्रेन लेता था. वहां जाने के लिए हम विशाखापत्तनम से गुजरते थे. मुझे याद है कि यह एक शांत और मामूली तटीय शहर था जो संभावनाओं से भरा हुआ था. अब उसी शहर में, गूगल एक फुल-स्टैक AI हब बना रहा है, जो भारत में हमारे15 बिलियन डॉलर के इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट का हिस्सा है.
“रेहड़ी वाला बैंक अकाउंट नहीं खोल सकता था”
वहीं फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने AI इम्पैक्ट समिट में अपने संबोधन के दौरान कहा कि इस शानदार शहर में, इस शानदार देश में हमारा स्वागत करने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद. प्रधानमंत्री आपके द्वारा होस्ट किए गए इस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इम्पैक्ट समिट में आकर बहुत अच्छा लग रहा है. 10 साल पहले मुंबई में एक रेहड़ी वाला बैंक अकाउंट नहीं खोल सकता था. कोई पता नहीं, कोई कागज़ात नहीं, कोई एक्सेस नहीं और आज वही वेंडर अपने फोन पर पेमेंट लेता है.
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“भारत ने उन्हें गलत साबित कर दिया”
राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने आगे कहा कि मैंने मुंबई के एक स्ट्रीट वेंडर की कहानी से शुरुआत की थी. 10 साल पहले दुनिया ने भारत से कहा था कि 1.4 बिलियन लोगों को डिजिटल इकॉनमी में नहीं लाया जा सकता. भारत ने उन्हें गलत साबित कर दिया. AI का भविष्य वे लोग बनाएंगे जो इनोवेशन और ज़िम्मेदारी, टेक्नोलॉजी को इंसानियत के साथ जोड़ेंगे और भारत और फ्रांस मिलकर इस भविष्य को बनाने में मदद करेंगे.



