Bengal Politics: पश्चिम बंगाल में आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के नेता हुमायूं कबीर ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को चेतावनी दी है. उन्होंने पश्चिम बंगाल पशु वध नियंत्रण अधिनियम 1950 के तहत राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश को चुनौती दी है. उन्होंने कहा कि कुर्बानी 1400 साल पहले से चली आ रही है, राज्य में कुर्बानी नहीं रुकेगी. संविधान का सम्मान करना चाहिए लेकिन कुर्बानी होगी.गाय की भी होगी, बकरे की भी होगी और ऊंट की भी होगी. कुर्बानी के लिए जो पशु जायज़ हैं, उनकी कुर्बानी होंगी. बीजेपी सरकार को मैं चेतावनी देता हूं, सुवेंदु अधिकारी से सीधे तौर पर कह रहा हूं कि आग से मत खेलो. अगर वे कुर्बानी पर रोक लगाने की कोशिश करते हैं, तो इससे उनके लिए ही मुश्किलें खड़ी होंगी. मुस्लिम समुदाय किसी भी हाल में कुर्बानी के मामले में कोई समझौता नहीं करेगा.
“स्लॉटर हाउस बंद करने चाहिए”
हुमायूं कबीर ने कहा कि 37 प्रतिशत से अधिक मुसलमान गाय का गोश्त खाते हैं. सबसे पहले स्लॉटर हाउस बंद करना चाहिए. उन्हें तो लाइसेंस दिया गया. बीफ बाहर भेजकर भारत सरकार पैसे कमा रही है. क्या सरकार इसे बंद करेगी. ईद की नमाज अदा करने के लिए हमें बड़े मैदान की जरूरत है, लेकिन हमारे लिए मैदान की व्यवस्था नहीं होगी, तो सड़क पर नमाज पढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ेगा.
सरकार ने जारी की औपचारिक सूचना
बता दें कि पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से एक औपचारिक सार्वजनिक सूचना जारी की है. नोटिस में फिटनेस सर्टिफिकेट के बिना गाय और भैंस के वध पर सख्त प्रतिबंध को दोहराया. साथ ही कहा गया कि बिना प्रमाण पत्र के किसी भी बैल, बछड़े, गाय और भैंस का वध नहीं किया जा सकता. प्रमाण पत्र पर दो अलग-अलग अधिकारियों के हस्ताक्षर होने चाहिए. आदेश का उल्लंघन संज्ञेय अपराध माना जाएगा, जिसके लिए 6 महीने तक की कैद और 1 हजार रुपये तक जुर्माना हो सकता है.
“कुर्बानी पर किसी ने रोक नहीं लगाई”
भाजपा विधायक जितेंद्र तिवारी ने राज्य में पशु वध से जुड़े नियमों को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी करने पर कहा कि कुर्बानी पर किसी ने रोक नहीं लगाई है. केवल यह कहा गया है कि पुराने कानून के हिसाब से जिस पशु की उम्र 14 साल से कम हो, उसकी कुर्बानी नहीं दी जानी चाहिए. पशु की उम्र का निर्णय पशु डॉक्टर करेंगे. इस कानून को लागू किया गया है. नए ढंग से कुछ नहीं कहा जा रहा है.



