Farmers Protest: भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते(FTA) का किसान विरोध कर रहे हैं. जिसको लेकर पंजाब के हजारों किसान आज (21 जुलाई) दिल्ली कूच के लिए शंभू बॉर्डर पर इकट्ठा हो रहे हैं. FTA समझौते के रद्द होने की मांग को लेकर देश बचाओ मोर्चे ने यह आंदोलन बुलाया है. भारतीय किसान यूनियन(चढूनी) के प्रमुख गुरनाम सिंह चढूनी को किसान महापंचायत में शामिल होने जाते समय हरियाणा पुलिस ने हिरासत में ले लिया था.
शंभू बॉर्डर पर पुलिस ने बैरिकेडिंग की
शंभू बॉर्डर (पंजाब-हरियाणा बॉर्डर) पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. भारत-अमेरिका FTA के विरोध में किसानों के आज दिल्ली तक एक दिन के मार्च से पहले पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी है. मंगलवार को दिल्ली की ओर अपने तय मार्च से पहले बड़ी संख्या में किसान शंभू बॉर्डर पहुंचे हैं. इलाके में सुरक्षा को कड़ा कर दिया गया है. साथ ही भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 लागू कर दी गई है. सड़क के दोनों तरफ बैरिकेड लगाए गए है, वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है.
बता दें कि अमृतसर और गुरदासपुर से किसानों का काफिला शंभू बॉर्डर के रास्ते दिल्ली पहुंचने की तैयारी में हैं. किसानों की मांग है कि भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित एफटीए को तुरंत रद्द किया जाए. किसान नेता सरवन सिंह पढ़ेर ने कहा कि किसान दिल्ली जाने के लिए तैयार है, यह सरकार पर निर्भर करेगा कि अनुमति देगी या नहीं.
“किसानों का काम-धंधा खत्म हो जाएगा”
किसानों का कहना है कि अगर FTA समझौता लागू होता है कि इसका सीधा असर भारतीय खेती, डेयरी उद्योग और गांवों में रहने वालों की रोजी-रोटी पर पड़ेगा. विदेशी उत्पादों के आने से किसानों को नुकसान होगा और छोटे किसानों का काम-धंधा खत्म हो जाएगा.
वहीं प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस बल तैनात किया है. शंभू बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए साफ है कि प्रशासन किसी भी तरह की अव्यवस्था नहीं चाहता है. वहीं किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार ध्यान नहीं देती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
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