Firecracker factory : अहमदाबाद के वस्त्राल इलाके में अवैध रुप से चल रहे पटाखा फैक्ट्री में धमाके के बाद आग लग गई। हादसे में 8 कर्मचारियों की मौत हो गई और करीब 15 घायल हो गए। पीएम मोदी ने इस हादसे पर दुख जताया है और मृतकों के परिजनों को दो दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। हादसा शनिवार को रामोल से गतराड जाने वाले रास्ते पर महमूदपुरा टैलेंट के पास हुआ। यहां पास में ही रैपिड एक्शन फोर्स का कैंप है। धमाके की आवाज सुनते ही RAF जवान तुरंत घटनास्थल पहुंचे और लोगों का रेस्क्यू किया। धमाका इतना तेज था कि इसकी आवाज 5 किलोमीटर तक सुनाई दी। धमाके की सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां और एम्बुलेंस मौके पर पहुंच गईं। हादसे के समय फैक्ट्री में करीब 25 लोग काम कर रहे थे।
फैक्ट्री का लाइसेंस पहले ही रद्द हो चुका था
इलाके के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर जयपाल सिंह राठौड़ के अनुसार, रामोल-गटराड रोड पर खुले मैदान में मेहुल डोडिया नाम का व्यक्ति पटाखा फैक्ट्री चला रहा था। फैक्ट्री का लाइसेंस पहले ही रद्द हो चुका था, इसके बावजूद वहां पटाखे बनाए जा रहे थे। घायलों को एलजी अस्पताल और असरवा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
लाइसेंस रद्द हुआ लेकिन फैक्ट्री को सील नहीं किया
इस संबंध में जॉइंट पुलिस कमिश्नर जयपाल सिंह ने मीडिया को बताया कि फैक्ट्री का लाइसेंस पहले ही रद्द किया जा चुका था। इसके बावजूद मेहुल डोडिया फैक्ट्री चला रहा था। नियम के मुताबिक, लाइसेंस रद्द होने पर प्रशासन फैक्ट्री सील करती है और वहां रखा बारूद जब्त करती है। इस मामले में सिर्फ लाइसेंस रद्द हुआ, फैक्ट्री सील नहीं की गई।
RAF कैंप के पास पटाखा फैक्ट्री
गृह मंत्रालय के नियमों के मुताबिक, सैन्य या अर्धसैनिक बलों के कैंपों के आसपास बारूद या विस्फोटकों का काम होना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इसके बावजूद आरएएफ शिविर के पास ही अवैध फैक्ट्री चल रही थी। ऐसे में देश की एक महत्वपूर्ण सुरक्षा यूनिट को नुकसान पहुंच सकता था।
पटाखा फैक्ट्रियों में तेज धमाका क्यों होता है?
जानकारों के मुताबिक पटाखों में पोटेशियम नाइट्रेट, सल्फर, चारकोल और एल्युमिनियम पाउडर जैसे ज्वलनशील रसायन होते हैं। ये गर्मी, चिंगारी या स्टैटिक बिजली से तुरंत आग पकड़ते हैं। आग लगने पर चेन रिएक्शन शुरू होता है तो कुछ ही सेकेंड में सैकड़ों पटाखे फटने लगते हैं। बारूद ज्यादा हो, तो विस्फोट घरेलू एलपीजी सिलेंडर के धमाके से भी ज्यादा शक्तिशाली होता है।
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