Hormuz Strait: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के बाद अब ओमान को भी खुली चेतावनी दी है. ट्रंप ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ता है और कोई भी देश इसे कंट्रोल नहीं कर सकता. दूसरी ओर अमेरिका ने ईरान की नई स्ट्रेट अथॉरिटी पर प्रतिबंध लगा दिए हैं. वहीं यूरोपीय संघ ने हालात को युद्ध और शांति के बीच की संवेदनशील स्थिति बताया है.
होर्मुज स्ट्रेट पर ट्रंप की सख्त चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान और ओमान दोनों पर कड़ा रुख अपनाया है. ट्रंप ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट अंतरराष्ट्रीय समुद्री जलक्षेत्र है और यहां किसी एक देश का कब्जा नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि दुनिया के सभी जहाजों को इस रास्ते से गुजरने की आजादी मिलेगी और अमेरिका इस पूरे इलाके पर नजर बनाए रखेगा. ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान इस समुद्री रास्ते को कंट्रोल करना चाहता है, लेकिन अमेरिका ऐसा नहीं होने देगा. उन्होंने ओमान को भी चेतावनी देते हुए कहा कि उसे बाकी देशों की तरह व्यवहार करना होगा, वरना गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
ईरानी अथॉरिटी पर अमेरिकी प्रतिबंध
अमेरिका ने ईरान की नई बनाई गई ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ पर प्रतिबंध लगा दिए हैं. यह अथॉरिटी होर्मुज स्ट्रेट और उसके आसपास जहाजों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए बनाई गई है. नई व्यवस्था के तहत यहां से गुजरने वाले जहाजों को ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) को अपनी पूरी जानकारी देनी होगी. इसमें जहाज की लोकेशन, सामान और गंतव्य जैसी जानकारियां शामिल हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से टोल या फीस वसूलने की तैयारी भी कर रहा है और यह भुगतान क्रिप्टोकरेंसी के जरिए लिया जा सकता है. अमेरिका के प्रतिबंधों के बाद अब अंतरराष्ट्रीय जहाजों के सामने नई मुश्किलें खड़ी हो गई हैं.
EU की चिंता और इजराइल की तैयारी
यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कलास ने कहा है कि अमेरिका और ईरान इस समय युद्ध और शांति के बीच बेहद खतरनाक मोड़ पर खड़े हैं. उन्होंने कहा कि अगर यह संघर्ष बढ़ता है तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा. वहीं इजराइल ने दक्षिणी लेबनान के बड़े हिस्से को वॉर जोन घोषित कर दिया है. इजराइली सेना ने लोगों को तुरंत इलाका खाली करने का आदेश दिया है और कहा कि हिजबुल्लाह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जाएगी.
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