Mamata Banerjee Suvendu Adhikari: पश्चिमी बंगाल में सियासी सरगर्मियां लगातार तेज होती जा रही है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और सुवेंदु अधिकारी कोयला तस्करी मामले में शामिल है. कोयला घोटाले का पैसा सुवेंदु अधिकारी के जरिए अमित शाह तक जाता है. ममता बनर्जी के इस बयान पर सुवेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को ममता बनर्जी को एक कानूनी नोटिस भेजा है. ममता बनर्जी ने 72 घंटे के भीतर अपने दावों के सबूत मांगे हैं. साथ ही कहा कि ऐसा न करने पर ममता बनर्जी के खिलाफ मानहानि का केस करेंगे.
राजनीतिक बदले की भावना बताया
बता दें कि 8 जनवरी को कोलकाता में I-PAC कार्यालय पर ईडी ने छापेमारी की थी. जिसके विरोध में सीएम ममता बनर्जी ने एक रैली को संबोधित किया था. इस दौरान मुख्यमंत्री ने अमित शाह और सुवेंदु अधिकारी का नाम लेते हुए कहा कि दोनों कोयला तस्करी से जुड़ें हुए है और इस घोटाले से मिलने वाली रकम ऊपर तक जाती है. सीएम ममता बनर्जी ने यह भी दावा किया था उनके पास अमित शाह के खिलाफ पेन ड्राइव मौजूद हैं. ममता बनर्जी ने ईडी पर भी 2 FIR दर्ज कराई और पैदल मार्च निकालकर एजेंसी की कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना बताया.
“मैं मानहानि का केस करूंगा”
ममता बनर्जी के आरोपों पर सुवेंदु अधिकारी ने पलटवार करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईडी की जांच से ध्यान हटाने की कोशिश में, मेरे खिलाफ निराधार आरोप लगाया और मुझे केंद्रीय गृह मंत्री के साथ कोयला घोटाला से जोड़ा. ये लापरवाह बयान, व्यक्तिगत अपमान से भरे हुए बिना किसी सबूत के सार्वजनिक रूप से दिए गए. ऐसे निराधार दावों ने न केवल मेरी प्रतिष्ठा को धूमिल किया है, बल्कि सार्वजनिक चर्चा की गरिमा को कम किया है. आज मैंने उन्हें कानूनी नोटिस भेजा है जिसमें उनसे 72 घंटे के भीतर सभी सबूत प्रदान करने की मांग की है. अगर वे ऐसा करने में विफल रहती हैं तो मैं मानहानि का केस करूंगा.
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जज ने सुनवाई 14 जनवरी तक टाल दी थी
वहीं दूसरी तरफ टीएमसी ने भी ईडी के तलाशी अभियान के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. ईडी ने भी ममता बनर्जी के खिलाफ संवैधानिक पद का दुरुपयोग करते हुए जबरन अहम दस्तावेज ले जाने के आरोप में 28 पेज की याचिका दायर की थी. इसके बाद मामले पर 9 जनवरी को दोपहर ढाई बजे से जस्टिस शुभ्रा घोष की बेंच में सुनवाई होनी थी. लेकिन जज से पहुंचने से पहले कोर्ट रूम में भारी भीड़ जमा हो गई. जज ने कोर्ट रूम को खाली करने के लिए 5 मिनट का समय दिया कि जिन वकीलों का इस मामले से कोई संबंध नहीं हैं वो बाहर चले जाएं. इस दौरान वकील आपस में भिड़ गए और हंगामा होने लगा. परेशान होकर जज ने सुनवाई 14 जनवरी तक टाल दी.



