Himanta Biswa Sarma: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस सांसद और असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई पर पाकिस्तान से कथित संबंधों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया है कि गौरव गोगोई 2013 में बिना जानकारी दिए पाकिस्तान गए थे और वहां किसी तरह का प्रशिक्षण लिया गया हो सकता है. इस मामले की जांच अब केंद्रीय एजेंसी से कराने की तैयारी है. आज (8 फरवरी) एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में असम सीएम ने कहा कि गौरव गोगाई 2013 में गुपचुप तरीके से पाकिस्तान गए थे और इसकी जानकारी भारतीय अधिकारियों को नहीं दी थी. उन्होंने कहा कि आशंका है कि इस दौरान गोगोई ने वहां किसी प्रकार का प्रशिक्षण लिया हो.
गोगोई की ब्रिटिश पत्नी पर भी लगाए गंभीर आरोप
असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने गौरव गोगोई की ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया कि एलिजाबेथ भारत की एक संस्था में काम करते हुए देश से जुड़ी जानकारी इकट्ठा कर पाकिस्तान भेजती थीं. शादी के बाद उन्होंने भारत में काम करना शुरू किया लेकिन उन्हें पाकिस्तान से वेतन मिलता रहा. भारत में बैठकर एक दुश्मन देश से वेतन लेते रहना चिंता की विषय है. उन्होंने 9 बार पाकिस्तान का दौरा भी किया. वे गौरव गोगोई को भी पाकिस्तान लेकर गई थी. भारत का एक सांसद पाकिस्तान में 10 दिन कैसे बिता सकता है. हमने ये सवाल पूछे हैं. राष्ट्र सुरक्षा से जुड़े मुद्दे को आप आकस्मिक टिप्पणी से नहीं टाल सकते.
“अब केस को गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा”
मुख्यमंत्री ने कहा कि असम सरकार ने पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख, गौरव गोगोई और उनकी पत्नी एलिजाबेथ के कथित भारत विरोध षडयंत्र की जांच के लिए एसआईटी बनाई थी. जिसने अपनी रिपोर्ट 10 सितंबर को मुख्यमंत्री को सौंपी. रिपोर्ट आने के बाद असम कैबिनेट ने फैसला लिया कि मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराई जानी चाहिए. अब केस को गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा.
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“असम के लोग जानते हैं सबसे धोखेबाज मुख्यमंत्री कौन है”
वहीं कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर कहा कि मुझे लगता है कि मुख्यमंत्री ने नेशनल स्टेज पर खुद को शर्मिंदा किया है. ढाई घंटे लंबी प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद भी वह कमरे में मौजूद पत्रकारों को भी मना नहीं पाए. अगर आप पत्रकारों के सवाल सुनेंगे, तो वे भी संतुष्ट नहीं थे और इसलिए, आप जानते हैं, मुख्यमंत्री को लगता है कि असम के लोगों में बुद्धि नहीं है, कोई ज्ञान नहीं है. इसलिए, उन्हें असम के लोगों का सम्मान करना चाहिए. असम के लोग जानते हैं कि सबसे धोखेबाज मुख्यमंत्री कौन है.



