PM Modi Malaysia Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मलेशिया यात्रा का आज(8 जनवरी) दूसरा दिन है. पीएम मोदी शनिवार को जब कुआलालंपुर पहुंचे तो वहां उनका प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने गर्मजोशी से स्वागत किया. वहीं आज रविवार को पीएम मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि मेरे मित्र और मलेशिया के प्रधानमंत्री मैं आपका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं. जिस प्रकार मेरा और मेरे प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया गया. मैंने देखा है कि परंपराओं से हटकर एक प्रकार से मलेशिया के जीवन को आपने कुछ ही घंटों में बहुत बखूबी प्रस्तुत किया और इतने अच्छे से जो आयोजन किया ये हमें हमेशा याद रहना वाला है. इसके लिए मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूं मित्रता क्या होती है और मित्रता की ऊंचाई और गहराई क्या होती है ये मैं पूरी तरह अनुभव कर रहा हूं इसके लिए मैं आपका आभारी हूं.
“स्किल डेवलपमेंट और कैपेसिटी बिल्डिंग में भी अहम पार्टनर”
पीएम मोदी ने आगे कहा कि आज, खेती और मैन्युफैक्चरिंग से लेकर क्लीन एनर्जी और सेमीकंडक्टर तक हमारा सहयोग हर सेक्टर में गहरा रहा है. हम स्किल डेवलपमेंट और कैपेसिटी बिल्डिंग में भी अहम पार्टनर हैं. हमारा रक्षा और सुरक्षा सहयोग भी लगातार मजबूत हो रहा है. मैं आपको ASEAN की सफल अध्यक्षता के लिए एक बार फिर बधाई देता हूं. हमें भरोसा है कि मलेशिया के सहयोग से ASEAN के साथ हमारे संबंध और गहरे और व्यापक होंगे. हमारे रिश्ते की असली ताकत हमारे लोगों के बीच के संबंधों में है. भारतीय मूल के लगभग 30 लाख मलेशियाई नागरिक हमारे दोनों देशों के बीच एक जीता-जागता पुल हैं.
“प्रवासी भारतीयों से मिलने का भी मौका मिला”
प्रधानमंत्री ने कहा कि कल मुझे आपके साथ प्रवासी भारतीयों से मिलने का भी मौका मिला. यह एक बहुत ही खास अनुभव था, और मैंने देखा कि प्रवासी भारतीयों के मन में आपके लिए कितना सम्मान और प्यार है, जो कल साफ दिख रहा था. मुझे गर्व महसूस हुआ. आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई में मित्र देशों का साथ बहुत मायने रखता है. हमारा विश्वास है कि भारत और मलेशिया की तरक्की एक-दूसरे से जुड़ी हुई है. वैश्विक अस्थिरता के इस माहौल में भारत और मलेशिया, जो दो समुद्री पड़ोसी देश हैं, उनके लिए अपने रिश्तों की पूरी क्षमता का इस्तेमाल करना ज़रूरी है. आज मेरी यात्रा का मुख्य संदेश बहुत साफ है कि भारत मलेशिया के साथ मिलकर अपने रिश्तों को एक नए स्तर पर ले जाना चाहता है और हर मुमकिन क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना चाहता है.
भारत-मलेशिया के बीच MoU का आदान-प्रदान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की मौजूदगी में भारत और मलेशिया के बीच MoU का आदान-प्रदान हुआ. जिसके बाद मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने कहा कि पीएम मोदी आपका स्वागत है, हमने बहुत अच्छे संबंध बनाए हैं. इसके लिए आपका और आपके टीम का धन्यवाद. हमने कुछ ऐसे मुद्दों पर बात की है जो चिंता का विषय हैं, मुझे लगता है कि हमारी टीमों को उन पर ध्यान देने की ज़रूरत है. हम सभी क्षेत्रों में और ज़्यादा सहयोग की उम्मीद करेंगे, और यह दौरा मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से भी बहुत महत्वपूर्ण है.
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“2026 की पहली विदेश यात्रा में मैं मलेशिया आया हूं”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा ने कहा कि मैं अपने करीबी मित्र मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम का गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए हृदय से आभार व्यक्त करता हूं. पिछले वर्ष मैं ASEAN समिट के लिए मलेशिया की यात्रा नहीं कर पाया. लेकिन मैंने मेरे प्रिय मित्र को वादा किया था मैं जल्द से जल्द मलेशिया आऊंगा और आज वर्ष 2026 की पहली विदेश यात्रा में मैं मलेशिया आया हूं. हमारे मलेशिया से संबंध बहुत विशेष है हम समुद्री पड़ोसी हैं सदियों से हमारे लोगों के बीच गहरे और आत्मीय रिश्ते रहे हैं. आज मलेशिया भारतीय मूल्य के आबादी वाला दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है. हमारे संभ्यताएं साझा सांस्कृतिक विरासत और लोकतांत्रिक मूल्यों से जूड़ी हुई है.
“हमारे संबंधों ने एक नई रफ्तार पकड़ी”
पीएम मोदी ने आगे कहा कि पिछले कुछ वर्षों में हमारे संबंधों ने एक नई रफ्तार पकड़ी है और इसमें मेरे मित्र प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम का विशेष योगदान है हमारे बीच ऊर्जा, आधारभूत संरचना और उत्पादन में सहयोग बहुत मजबूत हुआ है. इन्ही उपलब्धियों से प्रेरित होकर आज हमने हमारी साझेदारी में अभूतपूर्व गति और गहराई लाने का निर्णय लिया है. उन्होंने कहा कि सुरक्षा के क्षेत्र में, हम आतंकवाद, खुफिया जानकारी साझा करना और समुद्री सुरक्षा में सहयोग मजबूत करेंगे. हम रक्षा सहयोग को भी और व्यापक बनाएंगे. AI और डिजिटल प्रौद्योगिकियों के साथ-साथ, हम अर्धचालक, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा में साझेदारी को आगे बढ़ाएंगे. मलेशिया में भारत के श्रमिकों के संरक्षण के लिए सामाजिक सुरक्षा समझौता, पर्यटन के लिए ग्रैटिस ई-वीजा और डिजिटल पेमेंट इंटरफेस UPI का मलेशिया में लागू होना ये सभी कदम, दोनों देशों के नागरिकों के जीवन को सरल बनाएंगे. भारत और मलेशिया को तमिल भाषा के प्रति साझा प्रेम भी जोड़ता है. मलेशिया में तमिल की मजबूत और जीवंत उपस्थिति शिक्षा, मीडिया और सांस्कृतिक जीवन में दिखाई देती है.



