India-America Trade Deal: भले ही सुप्रीम कोर्ट ने अमेरिका के टैरिफ को अवैध माना हो बावजूद इसके राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि भारत के साथ व्यापार डील पर कोई असर नहीं पडेगा और 10 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ लगा दिया है। अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ रद्द करने के फैसले और ट्रम्प के दोबारा नए टैरिफ के ऐलान के बाद भारत-यूएस ट्रेड डील पहले की तरह रहेगी। ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि, भारत के साथ होने जा रहे समझौते पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह पहले की तरह आगे बढ़ेगा।
18 प्रतिशत टैरिफ में 10 प्रतिशत जुडेगा या घटेगा
भारत के साथ डील में यह अतिरिक्त टैरिफ शामिल होगा, या पहले से तय 18 प्रतिशत में ही एडजस्ट किया जाएगा। इस पर ट्रम्प ने कोई बयान नहीं दिया। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया ब्रिटेन, भारत और यूरोपीय संघ सहित अमेरिका के साथ व्यापार समझौते करने वाले देशों को अब धारा 122 के तहत वैश्विक 10 प्रतिशत टैरिफ का सामना करना पड़ेगा, न कि उस टैरिफ दर का जिस पर उन्होंने पहले बातचीत की थी। इससे भारत पर कुल टैरिफ 18 प्रतिशत घटकर 10 प्रतिशत रह जाएगा।
ट्रेड डील फरवरी के अंत तक फाइनल होगी
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिका के साथ श्अंतरिम व्यापार समझौताश् फरवरी के अंत तक फाइनल हो जाएगा। मार्च में इस पर हस्ताक्षर होंगे, वहीं अप्रैल से ये समझौता पूरी तरह लागू हो जाएगा।
इसके साथ ही आने वाले कुछ महीनों में भारत दुनिया के बड़े देशों साथ व्यापारिक समझौतों पर अंतिम मुहर लगाएगा। अप्रैल में ब्रिटेन और ओमान के साथ भी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट शुरू होने की उम्मीद है।
सोमवार को फाइनल होगा कानूनी ड्राफ्ट
23 फरवरी से भारत और अमेरिका के अधिकारी अमेरिका में तीन दिनों की अहम बैठक करेंगे। इस बैठक का मकसद 7 फरवरी को जारी जॉइंट स्टेटमेंट के आधार पर कानूनी ड्राफ्ट तैयार करना है। वाणिज्य मंत्रालय के चीफ नेगोशिएटर दर्पण जैन भारतीय डेलिगेशन का नेतृत्व करेंगे। उम्मीद है कि टैक्स में 25 प्रतिशत से 18 प्रतिशत की कमी का आधिकारिक आदेश इसी हफ्ते या अगले हफ्ते तक आ जाएगा। इससे भारत के कपड़ा, चमड़ा और जेम्स-ज्वैलरी जैसे सेक्टर को सीधा फायदा होगा।
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ट्रेड डील
कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने 7 फरवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिका के साथ ट्रेड डील की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि भारतीय कृषि उत्पाद अमेरिका में जीरो टैरिफ पर निर्यात किए जाएंगे, जबकि अमेरिका के कृषि उत्पादों को भारत में कोई टैरिफ छूट नहीं दी गई है। पीयूष गोयल ने साफ किया कि इस समझौते में जेनेटिकली मॉडिफाइड फूड को भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि यह समझौता भारतीय निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 27.18 लाख करोड़ रुपए) के बाजार को खोलेगा।
50 हजार करोड़ डॉलर के उत्पाद खरीदेगा भारत
इसके अलावा भारत ने अगले 5 साल में अमेरिका से 50 हजार करोड़ डॉलर (45 लाख 30 हजार करोड़ रुपए) के उत्पाद खरीदने पर सहमति जताई है। भारत और अमेरिका ने शुक्रवार को अंतरिम व्यापार समझौते का फ्रेमवर्क जारी किया है। इसके तहत भारतीय सामान पर अमेरिका का टैक्स 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर लगाया गया 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स भी हटा लिया गया है।
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