Bangladesh Election: हिन्दू वर्ग पर अत्याचार को लेकर भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्तों में आई तल्खी के बीच बांग्लादेश चुनाव में बीएनपी की जीत इस मायने में भी अलग है कि वहां हिन्दू समुदाय का वोट बीएनपी को गया है। जानकारों की मानें तो पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के वोट खासकर हिंदू वोटरों ने तारिक रहमान की पार्टी को वोट दिया है क्योंकि तारिक रहमान उदारवादी और भारत के साथ रिश्तों के समर्थक हैं।
बीएनपी की जीत की एक वजह जमात ए इस्लामी का कट्टरपन और उसका अतीत को लोग भूल नहीं पाए। लोगों को याद रहा कि उसने बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम का विरोध किया था। बांग्लादेश की पाक से मुक्ति संग्राम में नेता जिया उल रहमान की बडी भूमिका रही थी, तारिक रहमान उन्ही की पीढी है।
स्टूडेंट्स की नेशनल सिटीजन पार्टी को आपसी फूट और जमात से गठबंधन करना भारी पड़ा। उन्हें लोगों ने पूरी तरह खारिज कर दिया।
बांग्लादेश आम चुनाव में तारिक रहमान की पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) को प्रचंड जीत मिलने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बीएनपी के अध्यक्ष तारिक रहमान को बधाई दी है. पार्टी की जीत पर पीएम मोदी ने भारत से संदेश भेजा है और भरोसा दिलाया कि भारत हमेशा बांग्लादेश के सपोर्ट में खड़ा रहेगा. तारिक रहमान पूर्व पीएम खालिदा जिया के बेटे हैं और बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री बनने की पूरी संभावना है.
पीएम मोदी ने बांग्लादेश चुनाव पर ऐसे वक्त में बयान दिया है, जब भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्ते तल्ख हैं. यूनुस राज में दोनों देशों के बीच काफी दूरी आई है.
बीएनपी को स्पष्ट बहुमत मिला
बांग्लादेश में अब तक जो नतीजे आए हैं, उसमें बीएमपी यानी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी निर्णायक जीत की ओर अग्रसर है. उसे स्पष्ट बहुमत मिल गया है. यह चुनाव जीतने वाली पार्टी उस अंतरिम प्रशासन की जगह लेगी जिसने अगस्त 2024 में अवामी लीग सरकार के सत्ता से हटने के बाद कार्यभार संभाला था.
बांग्लादेशी मीडिया के मुताबिक, देश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की अब भंग हो चुकी अवामी लीग के चुनाव मैदान में नहीं होने के कारण इस चुनाव को बीएनपी और उसके पूर्व सहयोगी जमात-ए-इस्लामी के बीच सीधी टक्कर के रूप में देखा गया. मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार 18 महीने से सत्ता में है.
बांग्लादेश में कैसे कराया गया चुनाव?
बांग्लादेश में जटिल 84 सूत्री सुधार पैकेज पर जनमत संग्रह के साथ-साथ 13वां आम चुनाव कराया गया. सुधार पैकेज को ‘जुलाई राष्ट्रीय घोषणापत्र’ के नाम से भी जाना जाता है. बीएनपी ने पहले घोषणा की थी कि यदि वह चुनाव जीतती है तो उसके अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री होंगे. करीब 17 वर्ष के आत्मनिर्वासन के बाद पिछले साल दिसंबर में बांग्लादेश लौटे रहमान ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से विजय रैलियां निकालने के बजाय दोपहर में ‘जुमे’ की नमाज के बाद पूरे देश में विशेष दुआएं करने को कहा.
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