Bangladesh Chunav– बांग्लादेश आम चुनाव 2026 के नतीजों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) को प्रचंड बहुमत मिला है। बीएनपी चीफ तारिक रहमान को इस जीत पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी है।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए लिखा कि बांग्लादेश के संसदीय चुनाव में शानदार जीत के लिए तारिक रहमान को हार्दिक शुभकामनाएं। यह जीत बांग्लादेश की जनता के आपके नेतृत्व पर विश्वास को दर्शाती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के समर्थन में हमेशा खड़ा रहेगा। उन्होंने दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने तथा साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने की इच्छा जताई।
बीएनपी को स्पष्ट बहुमत
बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 300 सदस्यीय संसद में बीएनपी ने 151 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज कर ली है। हालांकि निर्वाचन आयोग की ओर से अभी औपचारिक घोषणा बाकी है।
यह चुनाव ऐसे समय हुआ है जब देश में पिछले 18 महीनों से अंतरिम सरकार सत्ता में थी। अगस्त 2024 में अवामी लीग सरकार के सत्ता से हटने के बाद अंतरिम प्रशासन का गठन किया गया था।
पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान को बीएनपी ने प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था। माना जा रहा है कि वह बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री बन सकते हैं।
अवामी लीग चुनाव मैदान से बाहर
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग इस चुनाव में शामिल नहीं हुई थी। ऐसे में मुकाबला मुख्य रूप से बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी के बीच देखा गया।
वर्तमान में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार देश का संचालन कर रही थी।
मतदान और सुरक्षा व्यवस्था
गुरुवार को हुए मतदान में 300 में से 299 संसदीय सीटों पर वोटिंग कराई गई। एक सीट पर उम्मीदवार की मृत्यु के कारण चुनाव स्थगित कर दिया गया। मतदान सुबह 7:30 बजे शुरू हुआ और शाम 4:30 बजे तक चला।
चुनाव के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। करीब 10 लाख सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया, जो बांग्लादेश के चुनावी इतिहास की सबसे बड़ी सुरक्षा व्यवस्था मानी जा रही है।
पीएम मोदी का संदेश
पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा कि भारत और बांग्लादेश के ऐतिहासिक रिश्ते हैं और दोनों देश मिलकर क्षेत्रीय विकास और स्थिरता के लिए काम करेंगे।
विशेषज्ञों के मुताबिक इस जीत के बाद भारत-बांग्लादेश संबंधों में नए सिरे से संवाद और सहयोग की उम्मीद की जा रही है।



