Delhi Pollution: दिल्ली की हवा लगातार गंभीर श्रेणी में बनी हुई है। इसी को देखते हुए दिल्ली सरकार ने वाहनों पर लगाए गए सख्त प्रतिबंधों को जारी रखने का फैसला किया है। पर्यावरण मंत्री मंजींदर सिंह सिरसा ने साफ कहा है कि GRAP-IV के तहत लागू नियम अब अगले आदेश तक प्रभावी रहेंगे। मंत्री के मुताबिक, फिलहाल हालात ऐसे नहीं हैं कि इन पाबंदियों में कोई ढील दी जा सके।
बिना PUC पेट्रोल नहीं मिलेगा
पर्यावरण मंत्री ने मीडिया से बातचीत में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अब वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) के बिना किसी भी वाहन को पेट्रोल या डीजल नहीं दिया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि यह नियम अस्थायी नहीं है, बल्कि अगले आदेश तक लागू रहेगा। GRAP-4 के दौरान लगाए गए कई नियमों में से PUC से जुड़ा नियम अब स्थायी रूप से लागू रखने का फैसला किया गया है।
BS-VI से नीचे के वाहनों की दिल्ली में एंट्री बंद
दिल्ली में बाहर से आने वाले वाहनों पर भी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मंत्री के अनुसार, जो वाहन BS-VI उत्सर्जन मानकों पर खरे नहीं उतरते, उन्हें राजधानी में घुसने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह नियम पेट्रोल और डीजल दोनों तरह के वाहनों पर लागू होगा, ताकि पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर रोक लगाई जा सके।
पेट्रोल और डीजल वाहनों के लिए अलग-अलग नियम
पेट्रोल वाहन: दिल्ली में पंजीकृत पेट्रोल कारें सिर्फ तभी चलेंगी, जब वे BS-IV या BS-VI हों BS-III या उससे पुराने पेट्रोल वाहन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे बाहर से आने वाले पेट्रोल वाहनों को सिर्फ BS-VI होने पर ही एंट्री मिलेगी। चाहे वाहन दिल्ली का हो या बाहर का सिर्फ BS-VI डीजल वाहन ही सड़क पर चल सकेंगे। हालांकि, जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहन, इलेक्ट्रिक वाहन और CNG वाहन इन नियमों से बाहर रखे गए हैं।
कैसे जानें आपका वाहन BS मानक पूरा करता है या नहीं?
वाहन मालिक अपने वाहन की BS कैटेगरी जानने के लिए VAHAN पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन नंबर डाल सकते हैं। इसके अलावा कुछ राज्यों में RC पर BS स्टेज लिखी होती है, वाहन का निर्माण वर्ष देखकर भी अंदाजा लगाया जा सकता है, क्योंकि BS-VI मानक साल 2020 से लागू हुए थे.
टेक्नोलॉजी और सख्त निगरानी से होगा पालन
नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए सरकार ने बड़े इंतजाम किए हैं। दिल्ली के 126 एंट्री प्वाइंट्स पर ट्रैफिक पुलिस तैनात, इनमें से 13 जगह RFID सिस्टम से लैस हैं, 37 ‘प्रखर’ वैन और 500 से ज्यादा ट्रैफिक कर्मी निगरानी में जुटे, ई-चालान सिस्टम से RC नंबर डालते ही वाहन की पूरी जानकारी सामने आ जाती है,BS-VI वाहनों पर लगे कलर-कोडेड फ्यूल स्टिकर पहचान में मदद करेंगे।
पेट्रोल पंपों पर भी रहेगी कड़ी नजर
सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि हर पेट्रोल पंप पर एक पुलिसकर्मी और एक परिवहन विभाग का अधिकारी तैनात रहेगा। सभी पेट्रोल पंपों पर ANPR कैमरे लगाए गए हैं, जिससे बिना PUC वाले वाहन को ईंधन देने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। प्रदूषण के साथ-साथ ट्रैफिक की समस्या से निपटने के लिए भी सरकार ने कदम उठाए हैं। दिल्ली में जल्द कार-पूलिंग ऐप लॉन्च होगी, गूगल मैप्स के साथ मिलकर भीड़भाड़ वाले इलाकों की पहचान की जाएगी, ट्रैफिक सिग्नल टाइम को कंट्रोल करने के लिए इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू होगा। शहर की सड़कों के गड्ढों की पहचान के लिए थर्ड पार्टी एजेंसी सालभर सर्वे करेगी।
सरकार का साफ संदेश
दिल्ली सरकार का कहना है कि GRAP-4 के तहत उठाए गए ये सख्त कदम शहर की हवा को साफ करने के लिए जरूरी हैं। जब तक प्रदूषण का स्तर काबू में नहीं आता, तब तक वाहनों पर लगे प्रतिबंध जारी रहेंगे और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।



