Ajmer Congress news : नगर निगम अजमेर चुनाव 2026 की रणभेरी बज चुकी है। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि निकलने के बाद अब चुनावी मैदान की तस्वीर लगभग साफ हो गई है। इसी बीच वार्ड नंबर 67 से कांग्रेस प्रत्याशी के चयन को लेकर पार्टी के भीतर सवाल उठाए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक वार्ड 67 से गोविंदराम जादम को कांग्रेस ने प्रत्याशी बनाया है। स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं के एक वर्ग का दावा है कि जादम पूर्व में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे हैं और उन्होंने कांग्रेस टिकट के लिए ऑनलाइन आवेदन भी नहीं किया था। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
डोटासरा के ऑनलाइन आवेदन वाले बयान पर उठे सवाल
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की ओर से टिकट वितरण से पहले यह बात कही गई थी कि टिकट के दावेदारों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। इसी आधार पर वार्ड 67 में प्रत्याशी चयन को लेकर अब कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता सवाल उठा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस वार्ड से शंकर गुरु के पुत्र ओम शर्मा, अजमेर शहर कांग्रेस कमेटी ओबीसी विभाग के महासचिव खुशवंत रोहिल्ला और वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता अशोक मेहरा ने भी टिकट के लिए दावेदारी की थी। इन दावेदारों को टिकट नहीं मिलने और गोविंदराम जादम को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद स्थानीय स्तर पर नाराजगी और चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
धर्मेंद्र सिंह राठौड़ की भूमिका को लेकर कांग्रेस में चर्चा
कांग्रेस से जुड़े कुछ स्थानीय कार्यकर्ताओं का आरोप है कि आरटीडीसी के पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह राठौड़ ने टिकट वितरण में अहम भूमिका निभाई। पार्टी के भीतर यह भी चर्चा है कि राठौड़ अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 2028 का विधानसभा चुनाव लड़ने की संभावनाओं को देखते हुए अभी से राजनीतिक जमीन तैयार कर रहे हैं। हालांकि धर्मेंद्र सिंह राठौड़ की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
प्रत्याशियों के कार्यक्रमों में राठौड़ की सक्रियता
अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के कई प्रत्याशियों के चुनाव कार्यालयों के उद्घाटन और जनसंपर्क कार्यक्रमों में धर्मेंद्र सिंह राठौड़ की सक्रिय मौजूदगी भी राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे रही है। कांग्रेस के अंदरूनी हलकों में इसे आगामी राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है, जबकि पार्टी की ओर से इस संबंध में कोई औपचारिक टिप्पणी नहीं की गई है।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल पर भी नजर
अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल की भूमिका को लेकर भी पार्टी के भीतर अलग-अलग चर्चाएं चल रही हैं। कुछ स्थानीय नेताओं का आरोप है कि टिकट वितरण में उनकी भूमिका अपेक्षाकृत सीमित रही और कई फैसलों पर धर्मेंद्र सिंह राठौड़ का प्रभाव दिखाई दिया। हालांकि इन आरोपों पर डॉ. राजकुमार जयपाल की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बना अजमेर नगर निगम चुनाव
नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन को प्रदेश नेतृत्व के साथ-साथ अजमेर शहर संगठन की राजनीतिक परीक्षा के रूप में भी देखा जा रहा है। यदि कांग्रेस नगर निगम में बहुमत हासिल करती है तो इसे शहर संगठन की बड़ी सफलता माना जाएगा, जबकि कमजोर प्रदर्शन की स्थिति में टिकट वितरण और चुनावी रणनीति को लेकर पार्टी के भीतर सवाल और तेज हो सकते हैं। फिलहाल वार्ड 67 के प्रत्याशी चयन को लेकर उठे सवालों ने अजमेर कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब सभी की नजर मतदान और चुनाव परिणाम पर टिकी है।
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