Teachers : राजस्थान में सरकारी स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में भजनलाल सरकार विद्या संबल योजना के तहत गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति करने जा रही है. जानकारी के अनुसार इस योजना के तहत करीब 76,791 पदों पर शिक्षकों को मौका दिया जाएगा. खास बात यह है कि इन शिक्षकों को नियमित सरकारी कर्मचारी की तरह वेतन नहीं मिलेगा, बल्कि पढ़ाए गए घंटों के आधार पर वेतन दिया जाएगा. इससे एक तरफ स्कूलों में खाली पदों को भरने में मदद मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ योग्य युवाओं को पढ़ाने का अवसर मिलेगा।
76 हजार से ज्यादा पदों पर होगी नियुक्ति
जानकारी के अनुसार विद्या संबल योजना के तहत राज्य के सरकारी स्कूलों और दूसरे शिक्षण संस्थानों में खाली पदों को जरूरत के हिसाब से भरा जाएगा। कुल 76,791 गेस्ट फैकल्टी पदों पर नियुक्ति की तैयारी है. इसमें अलग-अलग कक्षाओं और विषयों के लिए शिक्षक रखे जाएंगे। कक्षा 1 से 8 तक के लिए ग्रेड-3 शिक्षक, कक्षा 9 और 10 के लिए वरिष्ठ अध्यापक और कक्षा 11 व 12 के पद शामिल किए गए हैं। उच्च शिक्षा संस्थानों में भी जरूरत के अनुसार गेस्ट फैकल्टी रखी जा सकती है।
घंटे के हिसाब से मिलेगी सैलरी
इस योजना में शिक्षकों का वेतन उनके पद और पढ़ाने वाली कक्षा के आधार पर तय किया गया है. कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले ग्रेड-3 शिक्षक को 300 रुपये प्रति घंटा मानदेय मिलेग. इनके लिए अधिकतम मासिक मानदेय 21 हजार रुपये तय है. कक्षा 9 और 10 के वरिष्ठ अध्यापक को 350 रुपये प्रति घंटा और अधिकतम 25 हजार रुपये महीने तक मिलेंगे. वहीं कक्षा 11 और 12 के व्याख्याता को 400 रुपये प्रति घंटा और अधिकतम 30 हजार रुपये महीने तक मानदेय दिया जाएगा।
चयन के लिए नहीं होगी लिखित परीक्षा
इस भर्ती की खास बात यह है कि उम्मीदवारों को इसके लिए अलग से लिखित परीक्षा देने की जरूरत नहीं होगी. चयन शैक्षणिक योग्यता और अनुभव के आधार पर तैयार मेरिट से किया जाएगा. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक शैक्षणिक योग्यता के लिए 75 प्रतिशत और प्रशैक्षणिक योग्यता व अनुभव के लिए 25 प्रतिशत अंक रखे जा सकते हैं. इससे संबंधित विषय में अच्छी योग्यता रखने वाले उम्मीदवारों को फायदा मिल सकता है. पात्र सेवानिवृत्त शिक्षक भी इस योजना के तहत आवेदन कर सकेंगे’
कैसे करना होगा आवेदन?
गेस्ट फैकल्टी के लिए आवेदन संबंधित स्कूल, कॉलेज या शिक्षण संस्थान की ओर से जारी सूचना के अनुसार किया जाएगा. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक आवेदन ऑफलाइन माध्यम से लिया जा सकता है और इसके लिए उम्मीदवारों से कोई आवेदन शुल्क नहीं लिया जाएगा. उम्मीदवारों को अपने क्षेत्र के संबंधित स्कूल या संस्थान की ओर से जारी होने वाली सूचना पर नजर रखनी होगी. आवेदन करते समय शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और दूसरे जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे।
क्या यह स्थायी सरकारी नौकरी होगी?
बता दें कि विद्या संबल योजना के तहत होने वाली नियुक्ति नियमित सरकारी नौकरी नहीं है. गेस्ट फैकल्टी को जरूरत के हिसाब से अस्थायी तौर पर रखा जाएगा. नियमित शिक्षक की नियुक्ति होने या संबंधित संस्थान में गेस्ट फैकल्टी की जरूरत खत्म होने पर सेवा भी समाप्त हो सकती है. इसलिए उम्मीदवार इसे स्थायी सरकारी नौकरी न समझें. हालांकि जिन युवाओं को शिक्षण क्षेत्र में अनुभव लेना है, उनके लिए यह अच्छा मौका हो सकता है।
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