Fish Feast Row: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के दौरे के दौरान कथित मछली भोज को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. इसी बीच अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि आप सभी देख रहे हैं कि कल से उत्तर प्रदेश में काफी राजनीतिक हलचल मची हुई है जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा झूठे आरोप और झूठी बातें बोली जा रही है. हम सभी लोग सनातनी लोग हैं. हम सनातन धर्म का पालन करने वाले लोग हैं. हम काशीवासी हैं और सीएम योगी इससे घबरा गए हैं कि सनातन की बात सिर्फ वही करें, कोई और न करे. मैं समझता हूं कि यह पूरी तरह से घबराहट का नतीजा है कि वो हम सभी पर गलत आरोप लगा रहे हैं.
“निषाद समाज का अपमान किया जा रहा है”
अजय राय ने आगे कहा कि अगर कोई भी फोटो या वीडियो उनके (सीएम योगी) पास हो तो दिखा दें. वो दिखा दें कि मैंने कहीं भी सावन के महीने में मछली खाई हो. वो निषाद समाज का कार्यक्रम था जिसमें हम लोग गए थे. उन्होंने वहां पर अपने भोजन की व्यवस्था की थी. उन्होंने एक दूसरे के साथ भोजन किया. इससे भाजपा घबरा गई है. मेरे और मेरे परिवार पर आरोप लगाया जा रहा है. निषाद समाज का अपमान किया जा रहा है. वे मछली पकड़ते हैं, पालते हैं, बेचते हैं, खाते हैं वे उससे जुड़े हैं. हम उस कार्यक्रम में सहभागी थे. मैंने कहा है कि कोई फोटो वीडियो है तो दिखा दें.
क्यों बोले थे सीएम योगी?
रायबरेली में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सोमवार को सीएम योगी ने कहा कि आपने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष का आचरण देखा होगा, वे हनुमानगढ़ी में दर्शन करने जाते हैं लेकिन बाद में बाहर मछली की दावत उड़ाते हैं, राम राम चिल्लाते हैं. बेशर्मी की भी एक सीमा होती है. किसने कहा था फिर मंदिर जाने के लिए? जो खाना था वो अयोध्या के बाहर जाकर खा लेते, यह इनका दोहरा आचरण है. इनके सामने गिरगिट भी शरमा जाता है. सीएम योगी ने आगे कहा कि बजरंगबली के सामने दंडवत होने का ढोंग कर रहे हैं लेकिन बाहर जाकर मछली की दावत उड़ा रहे हैं.
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस का यह पुराना इतिहास है. एक माफिया ने इनके भाई ने हत्या की थी, यह व्यक्ति उस माफिया के खिलाफ बयान देने के लिए नहीं गया. बल्कि उसके सामने घुटने टेककर, नत्मस्तक हो गया. वो तो हमारी सरकार आई जिसने उस माफिया की रगड़कर भूसी निकाल दी. अन्यथा इन लोगों ने तो प्रदेश को माफिया प्रदेश बना दिया था, पहचान का संकट खड़ा कर दिया था. आज उत्तर प्रदेश का कोई नौजवान हो, कोई बहन हो, कोई व्यापारी हो, कोई अन्नदाता किसान हो या कोई नागरिक हो, आज उसके सामने पहचान का संकट नहीं है.
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