Hanuman Beniwal : नई दिल्ली। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने मंगलवार को लोकसभा में राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों, विशेषकर बाड़मेर संसदीय क्षेत्र में धार्मिक स्थलों को तोड़े जाने का मामला उठाया। उन्होंने नियम 377 के तहत इस विषय को सदन के सामने रखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का ध्यान इस ओर आकर्षित किया।
बिना संवाद और सहमति के कार्रवाई का लगाया आरोप
सांसद बेनीवाल ने कहा कि बाड़मेर जिले सहित सीमावर्ती क्षेत्रों में मुस्लिम समाज के धार्मिक स्थलों को कथित रूप से बिना पर्याप्त संवाद और सहमति के क्षति पहुंचाई गई तथा कुछ आवासीय परिसरों को भी तोड़ा गया। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई से स्थानीय लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और शासन-प्रशासन के प्रति रोष पैदा हुआ है।
‘राष्ट्र सुरक्षा सर्वोपरि, लेकिन कानूनी प्रक्रिया का पालन जरूरी’
हनुमान बेनीवाल ने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसे प्राथमिकता दी जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म का पालन करने और धार्मिक स्थलों के सम्मान का अधिकार देता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी धार्मिक स्थल को लेकर कानूनी विवाद, प्रशासनिक आवश्यकता या सुरक्षा से जुड़ा विषय सामने आता है, तो उसका समाधान कानून द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही किया जाना चाहिए। बेनीवाल ने आरोप लगाया कि राजस्थान के कुछ सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्याप्त कानूनी प्रक्रिया और संवाद के बिना कार्रवाई किए जाने से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।
बाड़मेर के कई धार्मिक स्थलों का किया उल्लेख
लोकसभा में मामला उठाते हुए सांसद बेनीवाल ने बाड़मेर जिले में जामा मस्जिद सियाई, जामा मस्जिद मेकन का पार, जामा मस्जिद केरकोरी, जामा मस्जिद रामपुरा (दहेवा), दरगाह सैयद गुल मोहम्मद शाह और भलगाव बाखासर सहित अन्य स्थानों पर धार्मिक स्थलों को तोड़े जाने के मामलों का उल्लेख किया। उन्होंने इन मामलों में स्थानीय स्तर पर नाराजगी होने की बात कही और केंद्र सरकार से पूरे प्रकरण को गंभीरता से देखने की मांग की।
केंद्र की टीम भेजकर जांच कराने की मांग
नागौर सांसद ने मांग की कि जिन स्थानों पर धार्मिक स्थलों को तोड़े जाने की शिकायतें सामने आई हैं, वहां केंद्र सरकार की टीम भेजकर स्थिति की जांच कराई जाए। साथ ही धार्मिक स्थलों का मान-सम्मान बरकरार रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। बेनीवाल ने कहा कि भविष्य में किसी भी धर्मस्थल से जुड़े मामले में विधिसम्मत प्रक्रिया, पारदर्शिता और संवेदनशीलता का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। हनुमान बेनीवाल ने सदन में कहा कि सभी धर्मों का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति या समुदाय के साथ अन्याय होने पर वह उसके खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे।
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