Foreign Investors : भारतीय शेयर बाजार में पिछले एक साल में ऐसा समय ऐसा भी आया जब विदेशी निवेशकों ने अपना पैसा निकालना शुरु कर दिया था। इस वजह से शेयर मार्कट में भारतीय निवेशक और शेयर ब्रोकर चिंतित हो उठे थे। अब लंबे समय से दूरी बना रहे विदेशी संस्थागत निवेशकों का रुख आखिरकार जुलाई 2026 में बदलता नजर आया। लगातार चार महीने की तेज बिकवाली के बाद विदेशी भारतीय शेयरों के शुद्ध खरीदार बने हैं और उन्होंने 2.5 अरब डॉलर का निवेश किया है। अगर निवेश ऐसे ही बढता रहा तो भारतीय मार्किट और मजबूत होगा।
एक साल बाद मार्किट में सुधार
विदेशी निवेशकों 2.5 अरब डॉलर का निवेश पिछले 13 महीनों में सबसे ज्यादा मासिक विदेशी निवेश है। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल के हवाले से एक रिपोर्ट में कहा गया है कि विदेशी निवेशकों की यह वापसी ऐसे समय हुई है जब कंपनियों की कमाई में सुधार, वैल्यूएशन में नरमी और ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव कम होने से भारत का निवेश आउटलुक बेहतर होता दिख रहा है। आगे विदेशी निवेश की रफ्तार काफी हद तक भू-राजनीतिक हालात, कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक बॉन्ड यील्ड और एआई आधारित वैश्विक तेजी के रुख पर निर्भर करेगी।
घरेलू निवेश होगा मजबूत
रिपोर्ट के अनुसार अगर विदेशी निवेशक की खरीदारी आने वाले महीनों में भी जारी रहती है, तो घरेलू निवेशकों के मजबूत निवेश के साथ यह भारतीय शेयर बाजार की तेजी को नया सहारा दे सकती है। वहीं, जुलाई में विदेशी निवेशकों का सबसे ज्यादा भरोसा कंज्यूमर सर्विसेज और हेल्थकेयर सेक्टर पर रहा।
सितंबर 2024 से विदेशीयों ने निकाले 57 अरब डॉलर
जानकारी के अनुसार दो साल पहले सितंबर 2024 में बाजार के शिखर पर पहुंचने के बाद से विदेशी निवेशक लगातार शुद्ध बिकवाल रहे हैं। इस अवधि में भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों की कुल निकासी करीब 57 अरब डॉलर रही है। इसमें 2026 में अब तक की करीब 27 अरब डॉलर की बिकवाली भी शामिल है। मार्च से जून 2026 तक लगातार चार महीनों तक भारतीय बाजार में भारी बिकवाली हुई। लेकिन जुलाई में यह सिलसिला टूट गया। विदेशी निवेशकों ने जुलाई में 2.5 अरब डॉलर लगाए। दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों का निवेश भी मजबूत बना रहा और जुलाई में उन्होंने भारतीय शेयरों में 3.7 अरब डॉलर का शुद्ध निवेश किया।
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