Iran-America : ईरान की राजधानी तेहरान में अमेरिका के खिलाफ बदले का संदेश देने वाले बड़े-बड़े पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों के जरिए ईरानी सरकार यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि देश अब भी मजबूत है और अमेरिका को जवाब देगा। उधर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने दावा किया है कि अमेरिका के पास हथियारों का बड़ा जखीरा मौजूद है और जरूरत के मुताबिक नए हथियार भी तेजी से तैयार किए जा रहे हैं।
अलग अलग पोस्टरों के संदेश
तेहरान में एक पोस्टर में गिरती हुई स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी दिखाई गई है। उस पर लिखा है, श्जिसने मेरे इमाम को मारा, उसे क्यों न मारें? अगर हम ऐसा नहीं करते, तो यह हमारी बेइज्जती होगी।श् यहां श्इमामश् से मतलब ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई से है। स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी अमेरिका के न्यूयॉर्क में है। यह आजादी और लोकतंत्र का प्रतीक है, जिसे फ्रांस ने 1886 में अमेरिका को गिफ्ट किया था।
बदला लेना तय है
इससे पहले भी तेहरान में एक पोस्टर लगाया गया था, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का गला कई हाथों से दबाते हुए दिखाया गया था। उस पर अंग्रेजी और फारसी में लिखा था, बदला लेना तय है। एक दूसरे पोस्टर में खामेनेई की तस्वीर वाली टी-शर्ट पहने एक लड़ाका लाल झंडा लिए दिखाया गया है। वहीं, एक और पोस्टर में होर्मुज स्ट्रेट के किनारे एक कंकाल दिखाया गया है और वहां से ईरानी झंडा लिए एक जहाज गुजरता नजर आता है।
राष्ट्रपति ट्रंप का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने दावा किया है कि अमेरिका के पास हथियारों का बड़ा जखीरा मौजूद है और जरूरत के मुताबिक नए हथियार भी तेजी से तैयार किए जा रहे हैं। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अमेरिकी रक्षा कंपनियां इतिहास में सबसे ज्यादा नए प्लांट और फैक्ट्रियां बना रही हैं।
सीक्रेट जानकारी लीक
ट्रम्प ने सेना से जुड़ी सीक्रेट जानकारियां लीक करने वालों को भी कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है। उन्हें लंबी जेल की सजा दी जाएगी। हालांकि, ट्रम्प ने यह नहीं बताया कि वह किस सीक्रेट जानकारी लीक का जिक्र कर रहे हैं। दरअसल, कुछ अखबारों में मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से दावा किया गया है कि अमेरिकी सेना के पास हथियार तेजी से खत्म होते जा रहे हैं। इनमें ज्भ्।।क् और ।ज्।ब्डै जैसी लंबी दूरी की मिसाइलें शामिल हैं।
कुवैत ने देश का इकलौता ईरानी स्कूल बंद किया
कुवैत ने देश के इकलौते ईरानी स्कूल को बंद करने का आदेश दिया है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, यह फैसला ईरान के साथ युद्ध के दौरान कुवैत पर हुए लगातार हमलों के बाद लिया गया। शिक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि शिक्षा मंत्री ने निजी ईरानी स्कूल का शैक्षणिक लाइसेंस रद्द कर उसे बंद करने का आदेश जारी किया है। हालांकि आदेश में स्कूल बंद करने की कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई गई है। स्कूल में आने वाले शैक्षणिक सत्र के लिए नए दाखिलों पर रोक लगा दी गई है। साथ ही, अभिभावकों से कहा गया है कि वे अपने बच्चों का दाखिला किसी दूसरे स्कूल में करा दें।
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