KBP Times

फिल्म ‘जना नायकन’ Actor और CM विजय के प्रशंसकों के लिए ठीक-ठाक

Jan Naygan

Film Jan Naykan : तमिलनाडू का मुख्यमंत्री बनने से पहले थलापति विजय की आखिरी फिल्म जना नायकन सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है और इसमें विजय की एंट्री, शानदार एक्शन सीन तो दमदार है और बैक ग्रांउड म्यूजिक भी अच्छा है लेकिन तीन घंटे से अधिक का समय और कमजोर कहानी के चलते दर्शक थकने लगते हैं। जन नायकन तमिलनाडू के वर्तमान मुख्यमंत्री विजय की आखिरी फिल्म है, जिसके चलते दर्शकों को इसका इंतजार था। जन नायकन न तो पूरी तरह फैमिली ड्रामा है और न ही पॉलिटिकल ड्रामा। फिल्म में विजय के लिए तो तालियां बजाने वाले कई पल आते हैं, लेकिन अभिनेता विजय इससे ज्यादा मजबूत कहानी और विदाई के हकदार है जो यह फिल्म पूरा नहीं कर सकी।

कहानी

कहानी थालपति वेत्री कोंडन उर्फ टीवीके (विजय) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो जेल में बंद है। जेल में बंद वेत्री को देखकर एक दिन एक ईमानदार जेलर (गौतम वासुदेव मेनन) को उस पर दया आती है, जो उसके अंदर की इंसानियत को पहचानता है और आखिरकार नियमों के खिलाफ जाकर ये जेलर वेत्री को उसकी बूढ़ी मां (रेवती) से मिलवाता है। लेकिन, जेलर को इसका बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ता है। नियमों की अनदेखी करने के चलते उसे सस्पेंड कर दिया जाता है। वहीं एक हादसे जेलर की मौत हो जाती है, लेकिन मौत से पहले वो अपनी बेटी विजी (ममता बैजू) की जिम्मेदारी वेत्री को सौंप देता है, जिसके बाद वेत्री, विजी का ख्याल रखता है और उसे सेना में अधिकारी बनाने का सपना पूरा करने निकल पड़ता है।

बॉबी देओल का किरदार

इसी बीच कहानी में एंट्री होती है जॉन हेमलर की, जिसका किरदार बॉबी देओल ने निभाया है। जॉन एक निर्दयी हत्यारा और एक अंतरराष्ट्रीय अपराधी है। जॉन, साउथ अफ्रीका में अराजकता फैलाने के बाद अब भारत में आतंकवाद को बढ़ावा देना चाहता है। फिर कहानी में पत्रकार कयाल (पूजा हेगड़े) की भी एंट्री होती है। इसी बीच विजी किडनैप हो जाती है। जब वेत्री, विजी को बचाने पहुंचता है तो उसका सामना जॉन हेमलर से होता है। दोनों के तार अतीत से जुड़े हैं। जॉन का एक अतीत है और इस अतीत में वो कभी डिप्टी कमिश्नर अमरीश पुजारी हुआ करता था। मगर शुरुआत में जो कहानी भावनात्मक लगती है, वो जल्दी ही आतंकवाद, राजनीति, सत्ता की लड़ाई और भ्रष्टाचार के मुद्दों में उलझ जाती है। इसमें कुछ जॉन उर्फ अमरीश का क्या अतीत है? और उसका वेत्री से क्या कनेक्शन है, ये फिल्म के सेकेंड हाफ में पता चलता है।

अभिनय

अभिनय की बात करें तो विजय हमेशा की तरह जन नेता में भी आत्मविश्वास से भरे नजर आते हैं। अगर ये कहें कि विजय ही इस फिल्म की जान हैं तो गलत नहीं होगा। वैसे भी ये पूरी तरह से विजय की ही फिल्म है, जिनकी स्क्रीन प्रेजेंस दमदार है। कहानी अगर कहीं कमजोर भी पड़ने लगती है तो विजय का स्टारडम दर्शकों को स्क्रीन से बांधे रखता है। मगर फिल्म उतने देर तक ही देखने का मन करता है, जब तक विजय सामने होते हैं। उनके डायलॉग, अंदाज, जोश और आक्रोश कमाल का है। हिंदी डब वर्जन में संकेत महात्रे की आवाज है, जो विजय के ऑरा को जस्टिफाई करती है।

विलेन बॉबी देओल का एक जैसा अभिनय

बॉबी देओल, जॉन हेमलर के किरदार में कागजों पर जितने दमदार लगते हैं, स्क्रीन पर उतना असर नहीं छोड़ते। बॉबी देओल ने बीती कुछ फिल्मों में खूंखार विलेन के किरदार निभाए हैं, लेकिन सभी में एक सा अभिनय कर रहे हैं। उन्हें देखकर ‘एनिमल’ के अबरार या फिर यूं कहें कि ‘अल्फा’ के फतेह का याद आना लाजमी है। वही एक्सप्रेशन और वही अंदाज, लगता है जैसे अगर कुछ बदला है तो वो है नाम। निर्दयी हत्यारे के रोल में वह कुछ खास नहीं डराते।

ममता अच्छी लगी वहीं पूजा कुछ कमाल नहीं दिखा सकी

पूजा हेगड़े की बात करें तो फिल्म में उनका किरदार कुछ खास कमाल नहीं दिखाता। वह फिल्म में नाम मात्र के लिए हैं और ममता बैजू विजी के किरदार में अच्छी लगी हैं। ममता की खासियत ये है कि उन्हें जो भी किरदार दिया जाए, वह उसमें जान फूंक देती हैं। उनके अलावा प्रकाश राज, प्रियामणि, गौतम वासुदेव मेनन, और नासर ने अपने किरदारों से इंसाफ किया है।

निर्देशन और तकनीकी पहलू

जन नेता उर्फ जना नायकन के निर्देशक एच. विनोद हैं, जिन्होंने एक मजबूत भावनात्मक कहानी को राजनीति का चोला पहनाने की ऐसी कोशिश की है, जो फिल्म पर भारी पड़ता है। बॉबी देओल वाला पूरा ट्रैक कमजोर लगता है। कभी-कभी लगता है जैसे निर्देशक जानते थे कि ये विजय की आखिरी फिल्म है तो फैंस में जबरदस्त क्रेज होगा ही, तो उन्होंने लॉजिक के पीछे जाना जरूरी नहीं समझा। स्क्रीनप्ले बिखरा हुआ लगता है और कमजोर लेखन और एडिटिंग, तकनीक को भी कमजोर कर देते हैं। कुल मिलाकर जो फिल्म शुरुआत में जो फैमिली ड्रामा लगती है, वो क्लाइमैक्स तक आते-आते साइंस-फिक्शन लगने लगती है और कई चीजें इमोशन-लेस हैं। जना नायकन देखकर लगता है कि अगर विजय लियो को अपनी आखिरी फिल्म घोषित करते तो वो ज्यादा बेहतर होता।

बैक ग्राउंड म्यूजिक ही जान

विजय के अलावा इस फिल्म को बांधे रखने में अगर कुछ मदद करता है तो वो है इसका म्यूजिक। अनिरुद्ध रविचंदर का संगीत इस फिल्म की सबसे अहम और मजबूत कड़ी है। बैकग्राउंड म्यूजिक कई दृश्यों में जान डाल देता है। खासतौर पर विजय की एंट्री और एक्शन सीन्स में संगीत ही है, जो इसे और ज्यादा प्रभावशाली बनाता है।

यह भी पढ़ें-‘बेबी डू डाई डू’ की स्टारकास्ट पहुंची जयपुर, अभिनेत्री हुमा कुरैशी बोली-दर्शकों का आभार

यह भी देखें – बालमुकुंद आचार्य का सबसे बेबाक इंटरव्यू | राम मंदिर आंदोलन पर खुलकर बोले BJP विधायक | KBP Times

 

ताजा खबरें

ताजा खबरें

Life Insurance hand shake

इंडियाफर्स्ट लाइफ इंश्योरेंस के साथ फ्रांस की BNP पारिबा कार्डिफ से डील, बीमा क्षेत्र में बड़ा कदम

breaking news

आखिरकार धर्मेन्द्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, जंतर-मंतर पर जश्न: छात्रों ने लगाए छात्र एकता जिंदाबाद के नारे

Jan Naygan

फिल्म ‘जना नायकन’ Actor और CM विजय के प्रशंसकों के लिए ठीक-ठाक

Starship rocket

सबसे ताकतवर रॉकेट ‘Starship’ का टेस्ट कामयाब, पानी में पहली बार सुरक्षित लैंडिंग

Rahul Gandhi speak

राहुल गांधी बोले – शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का मंत्रालय बदलना भी नहीं मंजूर

Mohan Bhagwat

मोहन भागवत का बड़ा बयान-युवाओं से संवाद करें, शक्ति नहीं दिखाएं, अब पहले का समय नहीं

Students Protest

जयपुर में छात्र आंदोलन का असर, प्रदर्शनों को देखते हुए पुलिस-प्रशासन अलर्ट

Donald Trump

अमेरिका को अंदेशा ईरान की मदद कर रहे चीन और रुस, ट्रम्प बोले-दोनों देश नहीं दें दखल

Jhandu Kumar

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026; भारत को पैरा पावरलिफ्टिंग में मिला कांस्य पदक , बॉक्सिंग में भी जीत

2

2