Paper Leak Bill: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की अहम बैठक हुई. इस बैठक में पेपर लीक पर सजा के कानून को सख्त बनाने से जुड़े बिल को मंजूरी मिली है. मीडिया रिपोट्स की मानें तो इस बिल में पेपर लीक के ऑर्गेनाइज्ड क्राइम के मामले में 10 साल की सजा और 10 करोड़ रुपये जुर्माने का प्रावधान है. अगले हफ्ते संसद में इस बिल को पेश किया जा सकता है. पीएम मोदी की घोषणा के कुछ घंटे बाद ही केंद्रीय कैबिनेट ने आज( 24 जुलाई) पेपर लीक के मामलों में सख्त सजा सुनिश्चित करने वाले एक ड्राफ्ट बिल को मंजूरी दी है. बिल को 27 जुलाई को संसद में पेश किया जा सकता है.
मोदी सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब छात्र देशभर में पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, संसद में भी इस मुद्दे पर लगातार हंगामा हो रहा है.
इससे पहले PM मोदी ने जारी किया वीडियो संदेश
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार रात को एक वीडियो संदेश जारी किया था. जिसमें उन्होंने कहा कि पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है. लाखों विद्यार्थी और उनके अभिभावकों के लिए बहुत ही पीड़ादायक है और इसलिए पेपर लीक घटना से अब तक पिछले ढाई महीनों में अनेक कदम उठाए गए. गुनहगारों को पकड़ा गया है. वे जेल में पड़े हैं. हमारा सबसे महत्वपूर्ण जिम्मा था कि विद्यार्थियों का एक वर्ष बर्बाद न हो. तत्काल परीक्षाएं लेना बहुत जरूरी था. सरकार ने अभी पूरी शक्ति का उपयोग करके कम से कम समय में 22 लाख जितने विद्यार्थियों के एग्जाम हो जाएं, इसका प्रबंध किया और अभी 5-6 दिन पहले 19 तारीख को रिजल्ट भी आ गया और देशभर में उत्तीर्ण हो गए विद्यार्थियों की खुशियों की खबरें भी आ रही हैं. लेकिन हम वहां पर संतोष मानने वाले लोगों में से नहीं हैं और इसलिए मैंने आज फास्ट ट्रैक कोर्ट के लिए विभागों को निर्देश दिए थे. आज विभागों ने लगातार मेहनत करके देर रात मुझे मुसद्दा भी दे दिया. फास्ट ट्रैक कोर्ट और कठोर सजा के प्रावधान के साथ इस मुसद्दा पर शुक्रवार को कैबिनेट में चर्चा होगी. कैबिनेट के साथियों के सुझाव के बाद उसका अंतिम रूप दिया जाएगा और सोमवार से संसद का दूसरा सप्ताह शुरू हो रहा है तब जल्द से जल्द उस बिल को सदन में पारित कराने का प्रयास किया जाएगा.
फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की भी बात कही
वहीं 23 जुलाई को ही पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा. इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें. विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए, सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णयों की श्रृंखला में ये एक महत्वपूर्ण कदम है. युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.
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