Parliament Monsoon Session: संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो रहा है. संसद सत्र की शुरुआत से पहले बुधवार को कांग्रेस संसदीय दल की बैठक हुई. इस बैठक में संसद सत्र के लिए विपक्ष के एजेंडे पर मंथन हुआ. बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन और कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बताया कि किन मुद्दों पर चर्चा हुई, जिन्हें पार्टी संसद में उठाएगी. कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने बताया कि आज कांग्रेस संसदीय रणनीति समूह की बैठक थी और इस बैठक में आने वाले मानसून सत्र में क्या बिल आएंगे, देश के सामने क्या मुद्दे होंगे, बिल के ऊपर हमारा क्या राय रहेगा, इन सब मुद्दे को लेकर हमने विस्तृत चर्चा की है. बैठक में CPP की चेयरपर्सन सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और संसदीय दल के सदस्य मौजूद थे.
आज CPP चेयरपर्सन श्रीमती सोनिया गांधी जी की अध्यक्षता में कांग्रेस संसदीय दल की रणनीतिक बैठक हुई।
इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष व राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री @kharge और नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi के साथ संसदीय दल के सदस्य मौजूद रहे।
📍 दिल्ली pic.twitter.com/Y051FAdQZn
— Congress (@INCIndia) July 16, 2026
“FCRA बिल आने की संभावना है”
वहीं कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि आज डेढ़ घंटे तक बैठक चली, जो विधेयक इस मानसून सत्र में आने की संभावना है हमें औपचारिक तौर से कुछ जानकारी नहीं है और 19 तारीख को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है. जहां औपचारिक तौर से हमें वो जानकारी मिलेगा.. लेकिन हम जो अनुमान कर रहे हैं कि जो विधेयक आ सकता है उस पर काफी लंबी चर्चा हुई है. जो सुनने को मिला है परिसीमन विधेयक जो 17 अप्रैल को सरकार को दो तिहाई बहुमत नहीं मिला और काफी भारी हार सरकार की हुई. इस विधेयक को वो वापस लाना चाहते हैं उस पर चर्चा हुई. हम परिसीमन विधेयक का पूरा विरोध करेंगे और करते रहेंगे. संविधान संसोधन विधेयक का भी हम विरोध करेंगे. इसके अलावा एक देश एक चुनाव पर भी चर्चा हुआ है. FCRA बिल आने की संभावना है इसका भी हम विरोध करेंगे.
“दो-तिहाई बहुमत हासिल करने की कोई संभावना नहीं”
उन्होंने कहा कि हमने पहले ही 16 और 17 अप्रैल को मौजूदा लोकसभा में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने के बारे में अपना रुख़ साफ़ कर दिया था. ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023’ में महिलाओं के लिए इसी एक-तिहाई आरक्षण का प्रावधान है. अगर आप 543 सदस्यों वाली लोकसभा का एक-तिहाई हिस्सा निकालें, तो यह 181 होता है. इसलिए महिलाओं के आरक्षण का प्रावधान लाइए और हम पूरा समर्थन देंगे. हालांकि जो परिसीमन बिल पेश किया गया था, उसे भले ही महिला आरक्षण अधिनियम का नाम दिया गया था, लेकिन असल में वह महिला आरक्षण की आड़ में लाया गया एक खतरनाक परिसीमन बिल था. यह सच है कि 17 अप्रैल के बाद से गृह मंत्री ने एक-दो विपक्षी पार्टियों में फूट डलवाई है. यह संविधान का अपमान है. वे चालाकी से दो-तिहाई बहुमत हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसी चालाक चालों और दूसरी पार्टियों को तोड़कर दो-तिहाई बहुमत पाना संविधान का अपमान है यह एक दागदार बहुमत होगा. हालांकि, लोकसभा में उनके दो-तिहाई बहुमत हासिल करने की कोई संभावना नहीं है. हम विपक्षी पार्टियों के संपर्क में हैं राहुल गांधी संपर्क में हैं, और हमारे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी उन सभी पार्टियों के संपर्क में हैं जिन्होंने 16 और 17 अप्रैल को परिसीमन बिल का पूरा विरोध किया था.
“संसद का मानसून सत्र 19 दिन का है”
जयराम रमेश ने कहा कि संसद का मानसून सत्र 19 दिन का है, जिसमें से 16 दिन संसद की कार्यवाही चलेगी. इसमें विधेयक पारित होने हैं, विपक्ष के मुद्दों पर चर्चा होनी है. मोदी सरकार सर्वदलीय बैठक में विपक्ष के मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात करती है, लेकिन हमारा अनुभव रहा है कि सत्र में विपक्ष के मुद्दों पर चर्चा नहीं होती- सिर्फ विधेयक पास होते हैं. मोदी सरकार की कथनी और करनी में जमीन आसमान का फर्क है. हमले पहले भी कहा है- सरकार मौजूदा 543 लोकसभा सीटों पर महिला आरक्षण लागू करे, विपक्ष पूरा समर्थन करेगा. लेकिन मोदी सरकार महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन विधेयक पास कराना चाहती है. विपक्ष ने पहले भी एकजुटता के साथ इसका विरोध किया है और आगे भी करेंगे. हम संसद के मानसून सत्र में ‘चंदा चोरी’ और आस्था के साथ धोखे का मुद्दा उठाएंगे, परीक्षा और शिक्षा प्रणाली, NEET के मुद्दे पर बात करेंगे, देश में चल रहे E20 घोटाले पर भी चर्चा की मांग करेंगे
साथ ही कमजोर होती विदेश नीति का मुद्दा भी उठाएंगे.
यह भी पढ़ें: होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों की तैनाती पर रोक



