Agniveer: युवाओं के लिए देशसेवा और देशभक्ति को केरियर का रुप देने की अग्निवीर योजना का पहला बैच इस साल अक्टूबर में पूरा हो रहा है। केंद्र सरकार ने साल 2022 में अग्निवीर योजना शुरु की थी। योजना में शामिल युवाओं का पहला बैच का सेवाकाल अक्टूबर 2026 में पूरा होने जा रहा है। बता दें कि इस अग्निवीर योजना के तहत 17.5 से 21 साल के युवाओं को 4 साल के लिए नौसेना, वायुसेना, सेना में भर्ती की जाती है। 4 साल की सेवा के दौरान अग्निवीरों को कितनी सैलरी मिलती है और नौकरी की अवधि समाप्त होने के बाद कितने पैसे और सुविधाएं मिलती हैं, इस बारे में जानिए –
अग्निवीर के 4 साल का सैलरी स्ट्रक्चर
पहला साल – शुरूआत के पहले साल में सैलरी 30 हजार महीना होती है, जिसमें से 9000 यानी अग्निवीर के सैलरी से कटा हुआ 30 प्रतिशत हिस्सा अग्नवीर के कॉर्पस फंड में ट्रांसफर कर दिया जाता है. जिसके बाद हाथों में सैलरी 21000 हजार मिलती है। बता दें कि कॉर्पस फंड के लिए जितनी सैलरी अग्निवीर की सैलरी से कटती है उतनी राशि भारत सरकार भी ट्रांसफर करती है।
दूसरा साल – ऐसे ही दूसरे साल में सैलरी 33 हजार हो जाती है, जिसमें से हाथों में आती है 23100 रुपये और बाकी 9000 रूपये कॉर्पस फंड में चले जाते हैं और फिर इतने ही पैसे सरकार भी उस फंड में ट्रांसफर करती है।
तीसरा साल – वहीं, तीसरे साल में 36500 हो जाती है। तब हाथों में सैलरी 25550 आती है। इसमें से 10950 रुपये कॉर्पस फंड में चले जाते हैं और इतने ही पैसे सरकार भी इस फंड में ट्रांसफर करती है।
चार साल –अब नौकरी के आखिरी और चौथे साल में सैलरी हो जाती है 40,000 हजार रूपये। हाथों में आती है 28000 रुपये। अग्निवीर कॉर्पस फंड में ट्रांसफर हो जाते हैं 12000 हजार रूपये और सरकार भी इतने ही पैसे उस खाते में डालती है.
सेवा समाप्त होने के बाद कितनी सैलरी और क्या सुविधाएं मिलती हैं
सेवा खत्म होने पर 10.04 लाख से 11.71 लाख एकमुश्त सेवा निधि पैकेज दिया जाता है, जो पूरी तरह टैक्स फ्री होती है। इसमें अग्निवीर के सैलरी से कटा हुआ 30 प्रतिशत हिस्सा और सरकार द्व्रारा बराबर का योगदान शामिल होता है। स्किल सर्टिफिकेट और एक्सपीरिएंस लेटर मिलता है, जो कक्षा 12 वीं के बराबर होता है और आगे नौकरी ढूंढने में मदद करता है। 48 लाख हेल्थ इंश्योरेंस भी सरकार अग्निवीरों को प्रदान करती है।
सेना में सीट रिजर्व
इसके अलावा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और असम राइफल्स जैसी फोर्सेज में 10 प्रतिशत सीटें रिजर्व रहती हैं. वहीं, कई राज्य सरकारों ने पुलिस भर्ती में भी प्राथमिकता देने का ऐलान भी किया है। यही नहीं, 4 साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को दूसरी सरकारी नौकरियों के लिए उम्र सीमा में भी छूट दी जाती है ताकि अप्लाई करना आसान हो।
अग्निवीरों को मिल सकती है खुशखबरी
अग्निवीरों के लिए बड़ी राहत की खबर है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार 4 साल का कार्यकाल पूरा करने वाले पहले बैच के और ज्यादा अग्निवीरों को परमानेंट नौकरी देने पर विचार कर रही है. फिलहाल सिर्फ 25 प्रतिशत अग्निवीरों को ही पक्का करने का नियम है. लेकिन अब तीनों सेनाओं ने इसे बढ़ाने की मांग की है। नौसेना ने 75 प्रतिशत और सेना व वायुसेना ने 50 प्रतिशत अग्निवीरों को परमानेंट रखने का सुझाव दिया है। हालांकि, सरकार की तरफ से अभी इसकी आधिकारिक घोषणा होना बाकी है.
यह भी पढ़ें : SI-2021 के सभी अभ्यार्थियों को री-एग्जाम में शामिल होने का अवसर
यह भी देखें: न्याय की आस टूटी! दीपक खारवाल की पत्नी करिश्मा ने किया सुसा*इड अटेम्प्ट। KBP Times



