Iran US Deal: अमेरिका और ईरान के बीच कतर की राजधानी दोहा में हुई अप्रत्यक्ष वार्ता के बाद दोनों देशों के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) को लेकर नई प्रगति सामने आई है. ईरान ने कहा कि उसकी 6 अरब डॉलर की फ्रीज संपत्तियों का एक हिस्सा जरूरी सामान खरीदने में इस्तेमाल होगा. वहीं, तेहरान ने अमेरिका पर समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया, इजराइल के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र में शिकायत दर्ज कराई और होर्मुज स्ट्रेट पर अपना रुख दोहराया.
6 अरब डॉलर की फ्रीज संपत्तियों के इस्तेमाल पर बनी सहमति
कतर की राजधानी दोहा में हुई तकनीकी वार्ता के बाद ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने बताया कि अमेरिका-ईरान समझौते (MoU) के तहत जारी होने वाली 6 अरब डॉलर की फ्रीज संपत्तियों के इस्तेमाल को लेकर सहमति बनी है. उन्होंने कहा कि इन धनराशि का उपयोग ईरान अपनी जरूरत के मुताबिक जरूरी सामान खरीदने में करेगा. गरीबाबादी के अनुसार, यह फैसला कतर के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में लिया गया. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दौरान अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच कोई सीधी बातचीत नहीं हुई. वार्ता कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता से अलग-अलग माध्यमों से संचालित की गई.
अमेरिका पर समझौता तोड़ने का आरोप
दोहा वार्ता के दौरान ईरान ने अमेरिका पर समझौते की शर्तों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया. गरीबाबादी ने कहा कि अमेरिका ने समझौते के पहले अनुच्छेद के तहत लेबनान सहित अन्य मोर्चों पर युद्ध रोकने की जिम्मेदारी पूरी नहीं की. ईरान का यह भी आरोप है कि अमेरिका पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है और उसके अधिकारी लगातार धमकी भरे बयान दे रहे हैं. बैठक में यह तय हुआ कि समझौते के उल्लंघन की निगरानी के लिए गुरुवार तक एक विशेष समिति बनाई जाएगी और 24 घंटे के भीतर एक आपातकालीन संचार चैनल स्थापित किया जाएगा, जहां किसी भी उल्लंघन की आधिकारिक शिकायत दर्ज कर उसकी समीक्षा की जाएगी.
इजराइल के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र पहुंचा ईरान
ईरान ने इजराइल के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है. संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर-सईद इरावानी ने महासचिव, सुरक्षा परिषद और महासभा को पत्र भेजकर आरोप लगाया कि इजराइल ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई को खुली धमकी दे रहा है. ईरान ने इसे ‘स्टेट टेररिज्म’ यानी राज्य प्रायोजित आतंकवाद करार दिया. पत्र में यह भी दावा किया गया कि इजराइल पहले भी ईरान के वरिष्ठ नेताओं को निशाना बना चुका है और इन कार्रवाइयों में अमेरिका का सहयोग भी रहा है.
तेल की कीमतों में गिरावट, होर्मुज पर ईरान का सख्त रुख
दोहा वार्ता से सकारात्मक संकेत मिलने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई. ब्रेंट क्रूड करीब 1 प्रतिशत गिरकर 70.84 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.2 प्रतिशत टूटकर 67.75 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. वहीं, ईरान ने बहरीन में अमेरिका की अगुआई में हुई क्षेत्रीय सुरक्षा बैठक को खारिज करते हुए कहा कि होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा का फैसला अमेरिका नहीं, बल्कि क्षेत्रीय देश करेंगे. गरीबाबादी ने दोहराया कि होर्मुज स्ट्रेट ईरान के नियंत्रण में है और स्थायी शांति तभी संभव है जब अमेरिका क्षेत्र से अपनी सैन्य मौजूदगी कम करे तथा देशों की संप्रभुता का सम्मान करे.
यह भी पढ़ें: PM मोदी और PAK प्रधानमंत्री शहबाज को 117 प्रमुख हस्तियों ने लिखी चिट्ठी, बोले- दुश्मनी खत्म करें…



