KBP Times

शिवसेना(UBT) में टूट! संसदीय दल की बैठक में पहुंचे सिर्फ 3 MP, संजय राउंत बोले-सांसदों को किडनैप किया

Uddhav Thackeray

Shiv Sena UBT: दिल्ली में शिवसेना(UBT) के संसदीय दल की बैठक शुरू हो चुकी है. बैठक में सिर्फ 3 लोकसभा सांसद ही पहुंचे हैं, जिसमें सांसद अनिल देसाई, अरविंद सावंत और राजाभाऊ वाजे शामिल है. शिवसेना(UBT) की तरफ से अपने सभी लोकसभा सांसदों को व्हिप जारी कर गुरुवार सुबह 11 बजे दिल्ली में होने वाली बैठक में मौजूद रहने का निर्देश दिया है. इसी बीच राज्यसभा सांसद संजय राउत ने दावा किया कि हमारे सांसदों को किडनैप किया गया है. जो बैठक में आएगा वो हमारे साथ है और जो बैठक में नहीं आएगा वो गद्दार है. वहीं दूसरी तरफ शिवसेना के एमएलसी चंद्रकांत रघुवंशी ने दावा किया है कि शिवसेना(UBT) के 6 सांसद शिवसेना में शामिल हो गए हैं. ऑपरेशन टाइगर पूरा हो गया है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो शिवसेना(UBT) के 9 में से 6 सांसदों ने बगावत कर दी है. बुधवार को उन्होंने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को शिंदे गुट में वियल के लिए चिट्ठी भेजी है. हालांकि बागी गुट या स्पीकर की तरफ से अभी कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राउत ने बागी सांसदों को दी गाली
बताया जा रहा है कि शिवसेना(UBT) के बागी सांसदों में नागेश पाटिल आष्टीकर और संजय दीना पाटिल का नाम शामिल है. दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्यसभा सांसद संजय राउत बागी सांसदों को गाली देने की भी खबर सामने आई है. राउत ने कहा कि ये साले.., ये बेईमान लोग है. बेईमानी उनके खून में है. हालांकि राउत में बाद में गाली पर सफाई देते हुए कि मराठी में ऐसे शब्द आम बोलचाल का हिस्सा है. बता दें कि शिवसेना में 4 साल में यह दूसरी बड़ी टूट है. जून 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में 39 विधायकों ने बगावत कर शिवसेना का अलग गुट बनाया था.

अयोग्यता से बचने के लिए 2 तिहाई सांसदों का होना जरूरी
लोकसभा में शिवसेना(UBT) के नौ सांसद है. दल-बदल कानून के तहत किसी दल में टूट के बाद अयोग्यता से बचने के लिए कम से कम 2 तिहाई सांसदों का साथ होना जरूरी है. ऐसे में 9 में से 6 सांसद अगर एक साथ अलग होने का फैसला करते हैं तो वो खुद को बैध गुट बताने का दावा कर सकते हैं.

BJP की बंगाल, महाराष्ट्र के बाद तमिलनाडू पर नजर
मानसून सत्र से पहले लोकसभा में संख्या बल बढ़ाने की राजनीतिक कवायद तेज हो गई है. बंगाल, महाराष्ट्र के बाद तमिलनाडू में डीएमके को अगला लक्ष्य माना जा रहा है. सूत्रों की मानें तो मकसद 2 तिहाई बहुमत जुटाकर परिसीमन, महिला आरक्षण के क्रियान्वयन और वन नेशन, वन इलेक्शन जैसे बड़े संवैधानिक बदलावों का रास्ता आसान करना है. पिछले सत्र में परिसीमन समेत अहम बिलों पर जरूरी समर्थन न मिलने के बाद सरकार ने संख्या बल बढ़ाने की रणनीति बनाई है. टीएमसी और शिवसेना(UBT) के कुछ सांसद पाला बदल सकते हैं. इससे लोकसभा में एनडीए के सांसदों की संख्या बढ़ सकती है. रणनीतिकारों के मानें तो अगर सरकार 2 तिहाई बहुमत के करीब पहुंच गई तो संसद का विशेष सत्र बुलाकर भी परिसीमन बिल पारित कराया जा सकता है.

यह भी पढ़ें: ‘शिक्षा बचाओ, भविष्य बचाओ’ अभियान शुरु करने कोटा पहुंचे राहुल गांधी, बोले- यहां से शुरू करेंगे लड़ाई

 

ताजा खबरें

ताजा खबरें

Meen Rashi

मीन राशि व लग्न के जातक का जानें स्वभाव और व्यक्तित्व

cloth market of bihar

बिहार में मारवाड़ी बाजार, देश के बड़े टेक्सटाइल बाजारों और फैक्ट्रियों से आते हैं कपड़े

Himachal Accident

हिमाचल में चलती टाटा सूमो गाड़ी पर गिरी चट्टान, 13 लोगों की मौत, 2 घायल

Rahul Gandhi

“धर्मेंद्र प्रधान क्रिमिनल एजुकेशन मिनिस्टर…” पैलेट गन का शिकार युवक के साथ राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर हमला

Light off in programe

ऊर्जा मंत्री के कार्यक्रम में फिर बिजली गुल, व्यवस्था पर उठे सवाल ?

Paper Leak Bill

’10 करोड़ जुर्माना और 10 साल की जेल…’ पेपर लीक पर संशोधित बिल को मोदी कैबिनेट की मंजूरी

CJP Protest

CJP का जेपी नड्डा से मीटिंग के बाद 2 मांगें मानने का दावा, कहा- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बिना समझौता नहीं…

High Blood Pressure

युवाओं में बढ़ता हाई ब्लड प्रेशर कम नींद का कारण

Bihar Protest Viral Video

“टीयर गैस का इंतजाम नहीं क्या, वाटर कैनन चालू करो सर…” प्रदर्शन के बीच छात्रों का VIDEO वायरल

2

2