Punjab CM Bhagwant Mann: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज मंगलवार को श्री अकाल तख्त के फैसले पर सफाई दी है. उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त के जत्थेदार की ओर से एक वीडियो के संबंध में मेरे खिलाफ कुछ हुक्मनामे जारी किए गए हैं. जब मुझे श्री अकाल तख्त साहिब में बुलाया गया था तब भी मैंने स्पष्ट तौर पर कहा था कि वीडियो में मैं नहीं हूं,जो व्यक्ति वीडियो में दिख रहा हैं उसकी कद-काठी और शारीरिक बनावट भी मुझसे मेल नहीं खा रही है. मेरे शरीर का आकार भी उस तरह का नहीं है. सिख समुदाय अच्छी तरह जानता है कि कैसे कुछ लोगों को बिना माफ़ी मांगे ही माफ़ कर दिया जाता है और कैसे किसी की माफ़ी को बाद में वापस भी लिया जा सकता है.मेरे ख़िलाफ़ प्रोपेगैंडा फैलाया जा रहा है. मैं नानक नाम लेवा संगत से अपील करता हूं कि वे ऐसी चालों के झांसे में न आएं.हालांकि आखिरी फैसला संगत करेगी, मैं अपनी तरफ से पंजाब के हक में फैसले लेता रहूंगा, जिसकी आपने मुझे जिम्मेदारी दी है.
ਅਹਿਮ ਮੁੱਦੇ ‘ਤੇ, ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਤੋਂ LIVE ——- अहम मुद्दे पे, चंडीगढ़ से LIVE https://t.co/8UFvmKLMdg
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) June 16, 2026
सीएम भगवंत मान के आज जारी किए वीडियो को रिट्वीट करते हुए आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने लिखा कि भगवंत मान के अच्छे कामों से बौखला कर विरोधी उनको झूठ बोलकर बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं.
अकाल तख्त ने मान को गुरुदोषी-पंथ विरोधी घोषित किया
बता दें कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने सोमवार को अमृतसर के स्वर्ण मंदिर परिसर में स्थित अकाल तख्त सचिवालय की फसील से फैसला सुनाते हुए कहा कि वायरल वीडियो की फॉरेंसिक लैब से जांच रिपोर्ट आने के बाद सामूहिक तौर पर सिखों ने कार्रवाई के लिए कहा था. इस पर सिखों के पांचों तख्तों के सिंह साहिबानों ने बैठक कर इस मुद्दे पर चर्चा की और भगवंत मान को गुरु विरोधी और खालसा पंथ विरोधी करार दिए जाने का फैसला लिया. जत्थेदार ने आगे कहा कि पूरा खालसा पंथ और गुरु नामलेवा अब सीएम भगवंत मान को मुंह ने लगाए. इसके साथ ही अकाल तख्त साहिब ने AAP के सभी सिख विधायकों को तलब कर लिया, जिन्होंने मान सरकार के उस बेअदबी कानून पर साइन किए जिसे अकाल तख्त साहिब गलत ठहरा चुका है.
श्री अकाल तख्त ने CM मान को किया था तलब
गौरतलब है कि 15 जनवरी को मुख्यमंत्री भगवंत मान को अकाल तख्त साहिब पर तलब किया गया था जहां पहुंचकर उन्होंने अपनी सफाई पेश की थी. उसके बाद अकाल तख्त वे वायरल वीडियो की लैब से जांच कराने का फैसला लिया और सोमवार को इससे जुड़ी जांच रिपोर्ट जत्थेदार ने पढ़कर सुनाई.
यह भी पढ़ें: Telegram Ban News: NEET री-एग्जाम से पहले केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, टेलीग्राम पर लगाई अस्थायी रोक



