Rahul Gandhi: देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और बढ़ती बेरोजगारी के मुद्दे पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है. कांग्रेस का आरोप है कि मोदी सरकार युवाओं को रोजगार देने और निष्पक्ष परीक्षाएं कराने में विफल रही है, जिससे करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है. आंदोलन के पहले चरण में राहुल गांधी चार बड़े युवा-छात्र सम्मेलनों को संबोधित करेंगे. कांग्रेस का कहना है कि यह सिर्फ राजनीतिक अभियान नहीं, बल्कि युवाओं के अधिकारों, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और रोजगार के अवसरों की लड़ाई है.
कांग्रेस चलाएगी राष्ट्रव्यापी अभियान
देश में बढ़ते पेपर लीक मामलों, भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों और बेरोजगारी को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन की घोषणा की है. इस रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल समेत वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई.
राहुल गांधी करेंगे युवाओं से सीधा संवाद
कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने बताया कि राहुल गांधी देशभर में आयोजित युवा और छात्र महासम्मेलनों को संबोधित करेंगे. इन कार्यक्रमों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र, शिक्षक, शिक्षाविद् और परीक्षा घोटालों से प्रभावित अभ्यर्थी शामिल होंगे. पार्टी का उद्देश्य युवाओं को एक साझा मंच देना है, जहां वे अपनी समस्याएं और अनुभव रख सकें.
चार शहरों में होंगे महासम्मेलन
* 17 जून – कोटा (राजस्थान)
* 10 जुलाई – इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश)
* 11 जुलाई – पटना (बिहार)
* 14 जुलाई – दिल्ली
कैंपस से कोचिंग सेंटर तक पहुंचाएगी अभियान
कांग्रेस ने एनएसयूआई, यूथ कांग्रेस, प्रदेश और जिला कांग्रेस कमेटियों को अभियान की जिम्मेदारी सौंपी है. पार्टी कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, स्कूलों और कोचिंग संस्थानों में संपर्क अभियान चलाएगी. साथ ही सोशल मीडिया, डिजिटल निमंत्रण और राहुल गांधी के कार्यक्रमों की लाइव स्क्रीनिंग के जरिए अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ने की तैयारी है.
सरकार के सामने रखी जाएंगी ये प्रमुख मांगें
कांग्रेस ने आंदोलन के दौरान केंद्र सरकार के सामने कई मांगें रखने की बात कही है. इनमें नीट परीक्षा का विकेंद्रीकरण, सरकारी परीक्षाओं के आवेदन शुल्क को समाप्त करना, पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई, परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करना, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तथा भर्ती प्रक्रियाओं को समयबद्ध और पारदर्शी बनाना शामिल है.
संसद में भी उठेगा मुद्दा
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह इस मुद्दे को सड़कों के साथ-साथ संसद में भी जोरदार तरीके से उठाएगी. पार्टी का आरोप है कि केंद्र सरकार युवाओं के रोजगार और शिक्षा से जुड़े गंभीर सवालों पर जवाब देने से बच रही है.कांग्रेस का दावा है कि यह आंदोलन युवाओं की आवाज को मजबूती देगा और सरकार को जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा.
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