Rajasthan News: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. शेखावत के सचिन पायलट का रास्ता रोकने वाले बयान पर गहलोत ने रविवार को मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि शेखावत डरा हुआ आदमी है, अपना मंत्री पद बचाए, पता नहीं कब छुट्टी हो जाए. गहलोत के इस बयान पर अब मंत्री शेखावत ने पलटवार किया है. उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा कि मैं पूज्य वीर दुर्गादास राठौड़ की परंपरा का अनुयायी हूं गहलोत, डर मेरे खून में नहीं है. आपको तो उल्टे अपने अप्रासंगिक हो जाने का भय सताता रहता है, इसलिए आप लगातार मेरे खिलाफ बोलते रहते हैं.सच तो यह है कि मैं न होता,तो आपकी राजनीति ही खत्म हो जानी थी. मैं आपकी तरह किसी एक परिवार का सेवक नहीं हूं. आपका पूरा राजनीतिक जीवन पदलोलुपता और सत्ता से चिपके रहने का प्रमाण रहा है, इसलिए कम से कम आपसे मुझे किसी प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं. आप ध्यान भटकाने की राजनीति करते रहिए, मैं जनसेवा के अपने संकल्प पर प्रतिबद्ध हूं. बाकी… समय स्वयं सबको जवाब दे देगा.
मैं पूज्य वीर दुर्गादास राठौड़ जी की परंपरा का अनुयायी हूँ गहलोत जी, डर मेरे खून में नहीं है।
आपको तो उल्टे अपने अप्रासंगिक हो जाने का भय सताता रहता है, इसलिए आप लगातार मेरे खिलाफ बोलते रहते हैं। सच तो यह है कि मैं न होता, तो आपकी राजनीति ही खत्म हो जानी थी।
मैं आपकी तरह किसी… pic.twitter.com/OuDXHEXvFd
— Gajendra Singh Shekhawat (@gssjodhpur) June 8, 2026
“अशोक गहलोत खुद डरे हुए हैं”
वहीं जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि अशोक गहलोत अपने आपको प्रासंगिक बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. वे अपने आपको गांधीवादी दिखाते हैं लेकिन किस तरह राजनीतिक व्यवहार करते हैं यह हम सब जानते हैं, इसके अतिरिक्त उन्होंने राजनीतिक रूप से लाइन लंबी करनी चाहिए यह कहा है लेकिन राजस्थान का इतिहास गवाह है, राजस्थान कांग्रेस पार्टी का भी इतिहास गवाह है कि हर उस कार्यकर्ता जिसने अपनी लाइन को थोड़ा भी लंबा करने की कोशिश की होगी, उसे मिटाने की उन्होंने कोशिश की है. मुझे लगता है कि सचिन पायलट को कांग्रेस पार्टी कोई नई जिम्मेदारी देने का विचार कर रही है इसलिए यह छटपटाहट है. अशोक गहलोत खुद डरे हुए हैं क्योंकि वे धूरी से दूर हो रहे हैं इसलिए डर के मारे वे इस तरह की टिप्पणियां करते रहते हैं.
“देश को लूट का बाज़ार बना दिया था”
वहीं दूसरी तरफ राजस्थान से भाजपा राज्यसभा उम्मीदवार सतीश पूनिया ने भी जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि इस देश में 55 वर्षों तक राज करने के बावजूद भी कांग्रेस पार्टी ने देश को कुछ नहीं दिया. सिर्फ नेहरू-गांधी खानदान दिया और उन्होंने इस देश को लूट का बाज़ार बना दिया था, इस देश में तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति की जननी कांग्रेस पार्टी और नेहरू-गांधी खानदान है.मुझे लगता है कि उनके पापों की सज़ा भारत की जनता ने उन्हें दी है. 1977-1999 उसका उदाहरण है,जब वाजपेयी की सरकार आई.
“गहलोत का बयान कांग्रेस की बौखलाहट का नतीजा है”
सतीश पूनिया ने आगे कहा कि 2014 में जो राजनीतिक क्रांति नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुई भारत की जनता ने वह जनादेश अराजकता के खिलाफ,भ्रष्टाचार के खिलाफ,जातिवाद के खिलाफ,तुष्टिकरण के खिलाफ दिया था.राजस्थान में भी उनको खूब अवसर मिला लेकिन राजस्थान में कांग्रेस पार्टी कागजों से धरातल पर कभी उतरी नहीं.सरकार ने कभी कोई ऐसा काम नहीं किया जिससे राजस्थान की जनता याद रख सके. मुझे लगता है कि देश की, प्रदेश की जनता बदली कांग्रेस पार्टी को सत्ता से बाहर किया. अब कांग्रेस पार्टी का जो भी खेल बचा है, देश को बदनाम करने का, सनातन और हिंदुत्व को बदनाम करने का, देश की चुनी हुई लोकतांत्रिक सरकार और उनके प्रधानमंत्री से लेकर तमाम लोगों पर इस देश के लोकतंत्र को बदनाम करने का काम किया.अशोक गहलोत का बयान कांग्रेस के उसी बौखलाहट का नतीजा है.
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