Annamalai Resign: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तमिलनाडु के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. पार्टी की ओर से बताया गया है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया है. अन्नामलाई आज दोपहर 12 बजे सोशल मीडिया के जरिए अपने समर्थकों को संबोधित करेंगे.चर्चा है कि वह अब तमिलनाडु की राजनीति में स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ने की तैयारी कर रहे हैं.इससे पहले उनके नाम को राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची में शामिल न किए जाने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई थी.चर्चा थी कि उन्हें आंध्र प्रदेश से राज्यसभा भेजा जा सकता है,लेकिन अंतिम समय में यह सीट सहयोगी दल को दे दी गई.
पार्टी नेतृत्व से मतभेद की चर्चा
बताया जा रहा है कि के. अन्नामलाई राज्यसभा जाने के इच्छुक नहीं थे और वह तमिलनाडु की राजनीति में अपनी मजबूत भूमिका चाहते थे.इस्तीफे में उन्होंने पार्टी के भीतर खुद को साइडलाइन किए जाने का मुद्दा भी उठाया. साथ ही उन्होंने राज्य में बीजेपी की रणनीति,वोट शेयर में गिरावट और AIADMK के साथ गठबंधन के बाद संगठन की स्थिति को लेकर भी सवाल खड़े किए थे.इस दौरान उन्होंने दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात भी की थी,जिनमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष शामिल रहे.
अन्नामलाई का राजनीतिक सफर
के. अन्नामलाई मूल रूप से कर्नाटक कैडर के पूर्व आईपीएस अधिकारी हैं, जिन्हें उनकी सख्त छवि के कारण ‘साउथ का सिंघम’भी कहा जाता है.उन्होंने 2019 में आईपीएस सेवा से इस्तीफा देकर राजनीति में कदम रखा और 2020 में बीजेपी में शामिल हुए.वे जल्द ही तमिलनाडु बीजेपी के उपाध्यक्ष और फिर प्रदेश अध्यक्ष बने.2021 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने पार्टी का नेतृत्व किया,लेकिन सफलता नहीं मिली.इसके बाद 2024 लोकसभा चुनावों में भी पार्टी को अपेक्षित परिणाम नहीं मिले.अब 2025 में उनके इस्तीफे के बाद तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना जताई जा रही है.
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