West Bengal TMC Split: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका लगा है. पार्टी के बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी विपक्ष के नेता चुने गए हैं.विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बोस ने बागी गुट को मंजूरी दी है. इसी बीच ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया है कि उनके साथ 60 विधायक हैं. बागी विधायक संदीपन साहा ने 2/3 विधायकों के समर्थन का दावा किया है. जावेद खान,संदीपन साहा और सिउली साहा को उपनेता बनाया गया है.अखरुज्जमान को चीफ व्हिप बनाया गया है. बागी गुट ने अपने पत्र में ममता बनर्जी को अपनी पार्टी अध्यक्ष बताया है,लेकिन वे अभिषेख बनर्जी के नेतृत्व और विधायक दल से जुड़े फैसलों को स्वीकार नहीं कर रहे हैं. बता दें कि बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमएसी ने 80 सीटें जीतीं थीं.जिसमें से 60 विधायकों ने अलग गुट बना लिया.दावा किया जा रहा है कि ममता बनर्जी के पास अब सिर्फ 20 विधायक बचे हैं.
इससे पहले सोमवार को अभिषेक बनर्जी के लेटर हेड पर स्पीकर को भेजे गए पत्र में शोभनदेव को नेता विपक्ष बनाने का प्रस्ताव भेजा था.विधायक संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी ने शिकायत की थी कि इस प्रस्ताव पर उनके हस्ताक्षर फर्जी हैं. शिकायत के बाद ममता बनर्जी ने दोनों विधायकों को पार्टी से निष्कासित कर दिया था.
“अभिषेक बनर्जी की कोई भूमिका ही नहीं रहेगी”
निष्कासित TMC नेता ऋतब्रत बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि अभिषेक बनर्जी की कोई भूमिका ही नहीं रहेगी. उनके साथ हमारी पार्टी का कोई संबंध नहीं है.उनके साथ हमारी आवाम का भी दूर-दूर कोई संबंध नहीं है. अगर संबंध होता तो वे 26 दिनों तक छिपे नहीं रहते बल्कि बाहर निकलकर आते. जैसे चोरों को पीटा जाता है वैसे उन्हें पीटा गया.हम में से किसी नेता ने भी न तो केंद्र और न ही राज्य सरकार से सुरक्षा की मांग नहीं की और अभिषेक बनर्जी उस दिन चोरों की तरह पिटाई खाने के बाद कह रहे थे कि आवाम उनकी रक्षा करेगी.फिर देखा गया कि उन्होंने केंद्र सरकार को अपनी सुरक्षा बढ़ाने के लिए पत्र दिया.हम लोग उन्हें लेकर चर्चा नहीं करना चाहते हैं. जहां तक ममता बनर्जी की बात है तो हम मानते हैं कि ममता बनर्जी बहुत वरिष्ठ नेत्री हैं और हमारी उनसे मांग रहेगी कि वे हमारी मुख्य सलाहकार की तरह हमारी पार्टी का नेतृत्व करती रहें.
ममता ने भंग की सभी संगठन-समितियां
वहीं पार्टी में बगावत के बीच ममता बनर्जी ने TMC की सभी कमेटियों, पार्टी से जुड़े संगठनों को तत्काल प्रभाव से विलय कर दिया है.TMC ने कहा कि सभी कमेटियों को फ्रंटल ऑर्गनाइजेशन का पुनर्गठन किया जाएगा.TMC ने एक्स पोस्ट में लिखा कि गहन विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया है कि पश्चिम बंगाल में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की सभी समितियां तथा उसके सभी प्रकोष्ठ (फ्रंटल ऑर्गनाइजेशन) तत्काल प्रभाव से भंग किए जाते हैं. पार्टी संगठन के प्रत्येक स्तर पर आत्ममंथन,कार्य निष्पादन की समीक्षा तथा संगठनात्मक मूल्यांकन की व्यापक प्रक्रिया शुरू करेगी. इस प्रक्रिया से प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर मूल संगठन और उसके सभी प्रकोष्ठों की नई संगठनात्मक संरचना का पुनर्गठन किया जाएगा, जिसकी घोषणा उचित समय पर की जाएगी. पार्टी अपने संगठन को और अधिक सशक्त बनाने तथा भविष्य की चुनौतियों का दृढ़ता और नई ऊर्जा के साथ सामना करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
After careful consideration, it has been decided that all committees of the All India Trinamool Congress in West Bengal, as well as all its frontal organisations, shall stand dissolved with immediate effect.
The party will undertake a comprehensive exercise of introspection,…
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) June 3, 2026
बता दें कि TMC की फ्रंटल संगठन की संख्या लगभग 16 है. अधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, ये संगठन पार्टी के विभिन्न वर्गों जैसे युवा, महिला, छात्र, मजदूर आदि को संगठित करते हैं. वहीं अगर कमेटियों की बात करें तो कोर कमेटी, स्टेट कमेटी, जिला और ब्लॉक कमेटी और अनुशासन समिति है. इन सभी का विलय कर दिया गया है और कमेटियों का गठन किया जाएगा.
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