Karnataka CM News: सिद्धारमैया ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपने कार्यकाल के बारे में बताते हुए सिद्धारमैया भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि मैंने पहले ही कहा था हाईकमान जब कहेगा, मैं इस्तीफा दे दूंगा. कल हाईकमान की ओर से मुझे इस्तीफा देने के लिए कहा गया और मैंने आज इस्तीफा दे दिया. मैंने अपना इस्तीफ़ा राज्यपाल कार्यालय को सौंप दिया है. राज्यपाल थावरचंद गहलोत यहां नहीं हैं, वे आज रात लौट रहे हैं. इसलिए मैंने राज्यपाल के विशेष सचिव प्रभु शंकर को अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया है. मुझे पूरा भरोसा है कि जब राज्यपाल आएंगे, तो वे इसे स्वीकार कर लेंगे, क्योंकि यह संविधान के अनुसार ही किया जाना है. हमारे पास पूर्ण बहुमत है. इसलिए, यह संवैधानिक है कि मुख्यमंत्री को (सरकार बनाने की) अनुमति दी जाए. मैं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे का तहे दिल से आभार व्यक्त करना चाहूंगा, जिन्होंने मुझे यह अवसर प्रदान किया.
“मैं तो इत्तेफ़ाक से राजनीति में आ गया”
सिद्धारमैया ने आगे कहा कि उन सभी लोगों का धन्यवाद जिन्होंने मुझे प्यार दिया, जब मैं 2013 से 2018 तक दो बार मुख्यमंत्री रहा. 2013 से लेकर आज तक, इस दौरान मेरे साथ काम करने वाले मेरे सहयोगियों ने मेरे प्रति हर तरह का समर्थन, सहयोग और प्यार दिखाया है. मैं उनका दोस्त हूं, मैं एक गांव से आता हूं, मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि एक दिन मैं MLA,मंत्री या मुख्यमंत्री बनूंगा. मैं तो इत्तेफ़ाक से राजनीति में आ गया, क्योंकि मेरे परिवार में कोई भी राजनीति में नहीं था.
वहीं इस्तीफे को लेकर सिद्धारमैया ने कहा कि ऐसा समझा जा रहा है कि यह अगले मुख्यमंत्री के लिए रास्ता बनाने के लिए है. हमारे और हमारे कल्याण के प्रति उनकी जिम्मेदारी बनी रहेगी. इसमें कोई निराशा नहीं है. हमारी पार्टी 135+1 सीटों के साथ जीती है. इसके साथ ही दो निर्दलीय विधायकों ने भी हमारी सरकार का समर्थन किया है.
डीके शिवकुमार होंगे कर्नाटक के सीएम
इससे पहले सिद्धारमैया ने अपने घर पर मंत्रियों के साथ बैठक की और फैसले की जानकारी दी. बैठक के दौरान डीके शिवकुमार ने सिद्धारमैया के पैर छुए, जिसके बाद दोनों गले मिले. वहीं, राज्य सरकार में मंत्री एचके पाटिल ने बताया कि डीके शिवकुमार के नाम पर सहमति बन गई है. अब वही कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री होंगे.
सिद्धारमैया ने राज्यसभा जाने का प्रस्ताव ठुकराया
वहीं मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद सिद्धारमैया ने साफ कर दिया है कि उन्होंने राज्यसभा जाने का प्रस्ताव भी ठुकरा दिया है. वे कर्नाटक की राजनीति में सक्रिय रहेंगे. राष्ट्रीय राजनीति में उनकी कोई रुचि नहीं है. कांग्रेस के अंदर भतभेद और कड़वाहट की अटकलों को खारिज करते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि कर्नाटक कांग्रेस एक परिवार की तरह एकजुट रहेगी. उन्होंने कहा कि मैं मानता हूं कि हमें एक परिवार की तरह एक साथ रहना चाहिए. सिद्धारमैया के बयान को सत्ता परिवर्तन के बीच पार्टी में एकता बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. फिलहाल 2006 में कांग्रेस में शामिल होने वाले सिद्धारमैया ने साफ तौर पर कह दिया है कि कर्नाटक की राजनीति में सक्रिय बने रहेंगे और राज्यसभा जाने के पक्ष में नहीं हैं.
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