Iran : अमेरिका के साथ संभावित नए युद्ध के लिए तैयारी कर रहा है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक तेहरान को वॉशिंगटन पर बिल्कुल भरोसा नहीं है। ईरान ने कई बार यह दोहराया है कि उसे अमेरिका पर भरोसा नहीं है हालांकि ईरान और अमेरिका के बीच अप्रत्यक्ष रुप से बातचीत जारी है। रिपोर्ट के मुताबिक ईरानी अधिकारी तीन मोर्चों पर काम कर रहे हैं- सैन्य तैयारी, घरेलू समर्थन और कूटनीति। हालांकि बातचीत का रास्ता खुला रखा गया है, लेकिन सेना और ईरान रेवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स हाई अलर्ट पर हैं।
होर्मुज स्ट्रेट रणनीतिक ताकत
ईरान मानता है कि होर्मुज स्ट्रेट उसकी सबसे बड़ी रणनीतिक ताकत है। दुनिया के बड़े हिस्से का तेल इसी समुद्री रास्ते से गुजरता है। इसी वजह से तेहरान इसे अमेरिका और उसके सहयोगियों पर दबाव बनाने के बड़े हथियार के तौर पर देख रहा है। ईरानी नेतृत्व ने कहा है कि नए संघर्ष की स्थिति में अमेरिका के सैन्य ठिकाने, ऊर्जा ढांचा और उससे जुड़े हित निशाने पर हो सकते हैं। कुछ दिन पहले आईआरजीसी ने भी चेतावनी दी थी कि किसी नए अमेरिकी हमले का जवाब पहले से ज्यादा हिंसक होगा और उसका असर मिडिल-ईस्ट से बाहर तक महसूस किया जाएगा।
अमेरिकी सासंद ने पाकिस्तान की भूमिका पर उठाए सवाल
अमेरिकी सांसद लिंडसे ग्राहम ने पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का इजराइल के प्रति पुराना विरोध और ईरानी सैन्य विमानों को पाकिस्तानी एयरबेस पर जगह देने की खबरें चिंता बढ़ाने वाली हैं। ग्राहम ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि पाकिस्तान को राष्ट्रपति ट्रम्प को जल्द जवाब देना चाहिए कि अब्राहम अकॉर्ड्स (समझौते) में शामिल होगा या नहीं। दरअलस, ट्रम्प ने हाल ही में पाकिस्तान को अब्राहम समझौते में शामिल होने को कहा था। अब्राहम समझौता इजराइल और अरब देशों के बीच दुश्मनी खत्म कर, इजराइल को देश की मान्यता देने और आपस में दोस्ती व व्यापार बढ़ाने का एक ऐतिहासिक समझौता है।
US-ईरान के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता का समर्थन
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान समेत दूसरे देशों की मध्यस्थता का चीन समर्थन करता है। वांग यी ने कहा कि लंबे समय से चले आ रहे विवाद एक दिन में खत्म नहीं होते, लेकिन बातचीत का हर कदम शांति की उम्मीद बढ़ाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी पक्ष सीजफायर और बातचीत की दिशा में आगे बढ़ेंगे, ताकि पश्चिम एशिया में जल्द शांति लौट सके। इसके अलावा चीन के विदेश मंत्री ने बताया कि उन्होंने हाल ही में पाकिस्तान के फील्ड मार्शल असीम मुनीर से भी मुलाकात की थी। मुनीर ने उन्हें ईरान दौरे और तेहरान-वॉशिंगटन तनाव से जुड़े हालात की जानकारी दी।
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