Jaipur Congress Protest: राजस्थान के जयपुर में आज(25 मई) पेयजल संकट और गंदे पानी की सप्लाई को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया. पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सिविल लाइंस से जल भवन तक पैदल मार्च निकाला. भीषण गर्मी के बीच कांग्रेसियों ने सड़क के बीच लेटकर विरोध जताया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. हसनपुरा चौराहे पर करीब 10 मिनट तक कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के लेटे रहने से कुछ समय के लिए यातायात भी बाधित हो गया. मीडिया से बातचीत के दौरान पूर्व मंत्री खाचरियावास ने कहा कि जनता का समाधान नहीं हुआ तो यही गंदा पानी मुख्यमंत्री और मंत्रियों को पिलाऊंगा, यहीं नहीं उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वे मुख्यमंत्री और मंत्रियों के पानी के कनेक्शन खुद काटेंगे.
कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने मटका फोड़कर जताया विरोध
पेयजल संकट और गंदे पानी की सप्लाई के विरोध में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने मटका फोड़कर प्रदर्शन भी किया. उन्होंने स्वच्छ और पूरा पानी दो, वरना कुर्सी छोड़ दो जैसे नारे भी लगाए. कार्यकर्ताओं ने कहा कि भीषण गर्मी में लोग पानी के लिए परेशान हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है. प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा. प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने आरोप लगाया कि गंदे पानी की वजह से बच्चे बीमार हो रहे हैं. कई इलाकों में लोगों को पीने का साफ पानी नहीं मिल रहा है. महिलाओं ने कांग्रेस नेताओं को चेतावनी दी है कि यदि पेयजल संकट दूर नहीं किया गया तो आंदोलन को तेज किया जाएगा.
“सरकार रात्रि चौपाल में मौज कर रही है”
पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि जयपुर प्यासा है, पूरा राजस्थान प्यासा है. राजस्थान सरकार फ्री में टैंकर देने की घोषणा करें. उन्होंने आरोप लगाते हुए कि सरकार रात्रि चौपाल में मौज कर रही है. जयपुर में गंदे पानी की सप्लाई से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है. राजधानीवासियों को पीने का साफ पानी तक नसीब नहीं हो रहा है. लोग मजबूरी में 50 रुपए तक का कैम्पर खरीद रहे हैं. टैंकर माफिया 500 रुपए तक वसूल रहे हैं. सरकार फ्री पानी के टैंकर उपलब्ध नहीं करवा रही है, जबकि स्वच्छ पेयजल जनता की बुनियादी जरूरत है. विधायक रफीक खान ने कहा कि बीजेपी सरकार सो रही है. पूरे प्रदेश में पेयजल संकट को लेकर काफी परेशानी है. सरकार कुछ नहीं कर रही है. बेरोजगार युवाओं को कॉकरोच कहा जा रहा है.



