Malihabad Dispute: उत्तर प्रदेश के लखनऊ के मलिहाबाद में मस्जिद-कब्रिस्तान पर पासी समाज के मंदिर होने के दावे और जांच की मांग तेज हो गई है. कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि जब से भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई है, पहले मस्जिदों के नीचे मंदिर खोज रही थी, अब कब्रिस्तानों में मंदिर खोज रही है. ये भारतीय जनता पार्टी के लोग अपनी चुनावी चाल को सफल बनाने के लिए, हिंदू-मुस्लिम करने के लिए इस तरीके की घटिया, नीच और निर्लज्ज हरकतें करते हैं.
कांग्रेस प्रवक्ता ने आगे कहा कि कब्रिस्तान इतने पहले से है, उसमें आप खामख्वाह मंदिर खोजने की बात कर रहे हैं, हर चीज को विवादित करने की बात कर रहे हैं, क्योंकि पेट्रोल के दाम बढ़ गए हैं. जनता को भ्रमित करना है, हिंदू-मुस्लिम में ही जनता भ्रमित हो सकती है, ऐसा भाजपा का मानना है, लेकिन अब ये सच नहीं है, सच यह है कि जनता अब इस वक्त बहुत परेशान है, आप हिंदू-मुस्लिम छोड़िए जनता के हितों की बात कीजिए.
धर्मगुरुओं ने क्या कहा?
साकेत भवन मंदिर अयोध्या धाम के महंत सीताराम दास ने लखनऊ मलिहाबाद में मस्जिद-कब्रिस्तान पर पासी समाज के मंदिर होने के दावे और उठ रही जांच की मांग पर कहा कि यह घटना पासी समाज की चेतना का प्रतीक है. संपूर्ण हिंदू जनमानस को चेतन होना चाहिए. जागरूक होना चाहिए, अपनी विरासत, संस्कृति और राष्ट्रीय धरोहर की रक्षा के लिए व्यक्ति को सदैव सतर्क रहना चाहिए. पिछली सरकारों के दौरान कुछ मुद्दों के चलते लोग उतने जागरूक नहीं थे, जितने कि आज हैं. अब वे अधिक सचेत और सतर्क हो गए हैं, और इसके लिए मैं अपना आभार व्यक्त करता हूं.
“कई अवशेष आज भी मौजूद हैं”
अयोध्या ज्योतिष भवन के ज्योतिषाचार्य राकेश त्रिपाठी ने कहा कि लखनऊ का संबंध पासी समुदाय से है, क्योंकि इतिहास में कई पासी राजा हुए हैं. इसे एक पासी किला भी माना जाता है, और इस किले के कई अवशेष आज भी मौजूद हैं. इसलिए, किसी की निजी संपत्ति पर बिना अनुमति के नमाज़, पूजा या किसी अन्य प्रकार की धार्मिक गतिविधि नहीं की जानी चाहिए.
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