US Iran deal: ईरान और अमेरिका पूरी तरह से लड़ाई रोकने के लिए सैद्धांतिक समझौता करने पर सहमत हो गए हैं. इस समझौते के तहत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिर से खोला जाएगा, वहीं ईरान अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम को नष्ट करेगा और परमाणु बम नहीं बनाने का भरोसा देगा. अभी कई और संवेदनशील मुद्दों पर अंतिम फैसला होना बाकी है. मीडिया रिपोट्स के मुताबिक, यह जानकारी एक अमेरिकी अधिकारी ने दी है. हालांकि अभी तक इस समझौते की अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
दूसरी तरफ ईरान की तरफ से समझौते को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं आया है. इसके अलावा एक अन्य अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक समझौते पर अभी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के सुप्रीम लीडर मुर्तजा खामेनेई के हस्ताक्षर नहीं हुए हैं. इसमें कुछ दिन और लग सकते हैं.
“ओबामा वाली डील जैसी नहीं”
वहीं इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट किया है. जिसमें लिखा कि अगर मैं ईरान के साथ कोई डील करता हूं, तो वह अच्छी और सही होगी, ओबामा वाली डील जैसी नहीं. जिसने ईरान को भारी मात्रा में नकद राशि दी और परमाणु हथियार बनाने का खुला रास्ता खोल दिया. हमारा समझौता बिल्कुल विपरीत है, लेकिन इसे किसी ने देखा नहीं है और न ही कोई जानता है कि यह क्या है. इस पर अभी पूरी बातचीत भी नहीं हुई है. इसलिए उन हारे हुए लोगों की बात मत सुनो, जो ऐसी चीज़ की आलोचना कर रहे हैं जिसके बारे में उन्हें कुछ पता ही नहीं है. मुझसे पहले के उन लोगों के विपरीत, जिन्हें इस समस्या का समाधान कई साल पहले कर देना चाहिए था, मैं बुरे समझौते नहीं करता.
”समझौते में कई अहम शर्तें शामिल होनी चाहिए”
ईरान के सांसद महमूद नबावियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि अमेरिका के साथ समझौते में कई अहम शर्तें शामिल होनी चाहिए. इनमें होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की संप्रभुता, युद्ध हर्जाना, सभी प्रतिबंधों को हटाना, टोल वसूली का अधिकार, विदेशों में फंसी ईरान रकम की रिहाई, क्षेत्र से अमेरिकी वापसी, यूरेनियम संवर्धन के अधिकार को स्वीकार करना और ईरान की तरफ से मांग गई सुरक्षा की गारंटी शामिल है. नबावियन ने कहा कि अगर इन मांगों को समझौते में शामिल नहीं किया गया तो ईरान के लिए काफी नुकसानदेह साबित होगा.
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