Bhajpa : पश्चिम बंगाल की फालता सीट पर रविवार को आए चुनावी नतीजे में भाजपा को जीत मिली। बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु ने 1 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत हासिल की। उन्हें 1.49 लाख से ज्यादा वोट मिले। CPM के उम्मीदवार शंभूनाथ कुर्मी 40 हजार वोट के साथ दूसरे नंबर पर रहे। वहीं चुनाव से पीछे हटने वाले TMC के जहांगीर चौथे नंबर पर रहे।
मुकाबला टीएमसी और भाजपा के बीच
यूं तो फालता सीट पर मुकाबला टीएमसी और भाजपा के बीच है लेकिन तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान ने दोबारा मतदान से कुछ दिन पहले ही घोषणा कर दी थी कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगे। उनकी ओर से ये बात लिखित में दिए जाने की सूचना नहीं है। इसलिए रीपोलिंग के दौरान ईवीएम में उनका नाम और सिंबल मौजूद था। आधिकारिक तौर पर इस सीट के लिए छह उम्मीदवार मैदान में हैं,
हालांकि,
फालता में दोबारा वोटिंग क्यों
29 अप्रैल को मतदान के बाद फालता क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया था। उस दिन कई बूथों से शिकायतें मिली थीं कि ईवीएम पर भाजपा के सिंबल पर टेप चिपकाया गया। तत्कालीन ऑब्जर्वर सुब्रत गुप्ता ने खुद निर्वाचन क्षेत्र का दौरा किया और जांच-पड़ताल की। कम से कम 60 बूथों में छेड़छाड़ के सबूत मिले। ईवीएम में कथित हेरफेर के अलावा, जांच में यह भी सामने आया कि कई मतदान केंद्रों पर लगे वेब कैमरों में फुटेज के साथ भी छेड़छाड़ करने की कोशिशें की गई थीं।
फालता में आज तक भाजपा नहीं जीती
फालता विधानसभा सीट पहले सीपीएम का गढ़ मानी जाती थी, लेकिन अब यह तृणमूल कांग्रेस का मजबूत क्षेत्र बन चुकी है। भाजपा ने पहली बार 2001 में यह सीट जीती थी। 2006 में सीपीएम ने वापसी की, लेकिन 2011 के बाद से टीएमसी लगातार यहां जीत दर्ज कर रही है। खास बात यह है कि बीजेपी अब तक इस सीट पर कभी जीत नहीं सकी।
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