Airport : सीकर में एयरपोर्ट बनाने की योजना का स्थानीय किसानों ने विरोध करना शुरु कर दिया है। दरअसल किसान एयरपोर्ट परियोजना के लिए अपनी खेती की जमीन सरकार को देना नहीं चाहते। किसानों का कहना है कि उनकी जमीन खेती के लायक और उपजाउ है। इस संबंध में जिले के तारपुरा और दादिया क्षेत्र के किसानों ने अपनी जमीन बचाने के लिए कलेक्ट्रेट पर महापड़ाव किया। प्रस्तावित तारपुरा एयरपोर्ट, नवलगढ़-बेरी-बसावा सीमेंट प्लांट, रेलवे लाइन और जेरठी-दादिया अंडरपास के विरोध में हजारों किसान सोमवार को सीकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शन किया। इसके बाद एडीएम डॉ. रतन कुमार स्वामी को ज्ञापन दिया।
काफिले में इतनी रहीं गाड़ियां
ये किसान गांवों से सुबह 9 बजे बजे ट्रैक्टर, बसें, गाड़ियों से रवाना हुए। इस दौरान किसानों के काफिले में 34 बसें, 80 ट्रैक्टर, 100 से ज्यादा गाड़ियां और करीब 100 बाइकें रहीं। किसान करीब 12 बजे सीकर हाईवे पर पहुंचे। वहां से पैदल सीकर कलेक्ट्रेट कार्यालय दोपहर पहुंचकर प्रदर्शन किया। किसानों ने कहा- बेरी-तारपुरा और दादिया इलाके में पहले रेलवे लाइन और अब एयरपोर्ट के नाम पर उनकी जमीनें ली जा रही हैं। यदि ऐसा हुआ तो उनके पास खेती और आजीविका के लिए एक इंच जमीन भी नहीं बचेगी।
किसानों की 4 बड़ी मांगें
किसानों की ओर से सीकर प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में चार मांगे हैं जिनमें -ग्राम सभा और किसानों की बिना लिखित सहमति के किसी भी प्रकार की जमीन का अधिग्रहण न किया जाए।
-एयरपोर्ट और रेलवे लाइन परियोजना को लेकर प्रशासन किसानों के साथ सीधा संवाद करें।
-जेरठी-दादिया अंडरपास की डिजाइन और जगह को लेकर आपत्तियों का समाधान किया जाए।
-सीमेंट प्लांट और रेलवे लाइन के लिए खेतों के बजाय बंजर या खेतों के बाहर से गुजरने वाले रास्तों का सर्वे किया जाए।
किसानों को पलायन करना पड़ेगा
किसान सतपाल धींवा ने ज्ञापन देकर कहा कि इन चारों गांव की जमीन काफी उपजाऊ है। ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनने से इस एरिया के सभी किसानों को अपने पैतृक गांवों से पलायन करना पड़ेगा। इन गांवों के लोगों को कुल देवी-देवताओं के मंदिर और प्राचीन चबूतरे हैं। वहीं इस क्षेत्र में हरिराम मंदिर, जीणमाता मंदिर, मनसा माता मंदिर और बालाजी महाराज मंदिर है। भूमि अधिग्रहण से ये देवस्थान खंडित होंगे।
एयरपोर्ट का प्रस्ताव वापस लेने की मांग
किसानों ने कहा- इस क्षेत्र की 166 हैक्टेयर गोचर भूमि खत्म हो जाएगी। इस क्षेत्र में चिकित्सा, शिक्षा, विद्युत विभाग जलदाय विभाग, सामुदायिक भवन, ग्रामीण विकास, पशु चिकित्सा, खेल मैदान, सार्वजनिक श्मशान भूमि का नुकसान होगा। 10 हैक्टेयर की गौशाला उजड़ जाएगी, जिसमें हजारों गौवंश रखा जाता है। ग्रामीणों की मांग है कि एयरपोर्ट का प्रस्ताव पूरी तरह वापस होना चाहिए।
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