Udhayanidhi Stalin: तमिलनाडू की राजनीति में ‘सनातन’ पर टिप्पणी को लेकर फिर विवाद खड़ा हो गया है. दरअसल, विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने विधानसभा में सनातन धर्म को लेकर विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा कि ‘सनातनम’ लोगों को बांटता है उसे खत्म होना चाहिए. स्टालिन ने नव नियुक्त मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की मौजूदगी में यह बयान दिया. स्टालिन की टिप्पणी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. बीजेपी ने इसे धार्मिक भावनाओं का अपनाम बताया है. इससे पहले भी जब स्टालिन ने ‘सनातन’ को लेकर बयान दिया था तब उनके खिलाफ देशभर में राजनीतिक प्रतिक्रिया देखने को मिली थी. कई जगह उनके खिलाफ शिकायतें भी दर्ज हुई थीं.
स्टालिन पर बीजेपी ने साधा निशाना
बीजेपी नेता सीआर केसवन ने उदयनिधि स्टालिन के बयान पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि यह समाज को बांटने वाली राजनीति है. उदयनिधि स्टालिन लगातार ऐसे बयान देकर लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत कर रहे हैं. बीजेपी नेता अमित मालवीय ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि पिछली बार जब उदयनिधि स्टालिन ने “सनातन धर्म को मिटाने” की बात कही थी, तब अदालतों ने उसे घृणास्पद भाषण माना था और तमिलनाडु की जनता ने उनकी पार्टी को विपक्ष में बैठा दिया. इस बार शायद वे विधायिका द्वारा मिली प्रतिरक्षा की आड़ ले रहे हों, लेकिन कुछ सीमाएं ऐसी होती हैं जिन्हें बिना परिणाम भुगते पार नहीं किया जा सकता. करोड़ों लोगों की आस्था का उपहास करना और उसे निशाना बनाना राजनीतिक साहस नहीं, बल्कि अहंकार है और इस बार, दैवीय प्रतिकार बेहद प्रचंड होगा.
The last time Udhayanidhi Stalin spoke about “eradicating” Sanatan Dharma, the courts called it hate speech and the people of Tamil Nadu pushed his party into the opposition.
This time, he may be hiding behind the immunity that the legislature provides him, but there are some…
— Amit Malviya (@amitmalviya) May 12, 2026
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साल 2023 में भी दिया था बयान
ऐसा पहली दफा नहीं है जब उदयनिधि स्टालिन ने ऐसा बयान दिया हो. इससे पहले साल 2023 में भी उन्होंने ऐसा ही बयान दिया था. जिसके बाद बीजेपी ने देशभर में उदयनिधि के खिलाफ प्रदर्शन किया था. तमिलनाडु प्रोग्रेसिव राइटर्स के एक कार्यक्रम में स्टालिन ने कहा था कि ये समाजिक न्याय के खिलाफ है. सनातन धर्म को मच्छर, डेंगू, मलेरिया या कोरोना की तरह खत्म करना होगा. सनातन धर्म का विरोध करने की बजाय इसे खत्म करना होगा. अपनी टिप्पणी पर माफी मांगने से इनकार करते हुए स्टालिन ने कहा था कि मैं इसे लगातार कहूंगा.
वहीं ‘सनातन’ पर अब उदयनिधि स्टालिन के बयान के बाद मद्रास हाईकोर्ट की मुदुरै बेंच की पुरानी टिप्पणी फिर चर्चा में आ गई है. जनवरी 2026 में कोर्ट ने उदयनिधि स्टालिन के पुराने बयान पर सुनवाई करते हुए कहा था कि उनका बयान हेट स्पीच माना जा सकता है. जस्टिस एस श्रीमाथी ने कहा था कि उदयनिधि ने केवल विरोध की बात नहीं कही थी, बल्कि सनातन धर्म को खत्म करने की बात की थी.



