ACB: जल जीवन मिशन में हुए करीब 900 करोड़ रुपए के घोटाले में एसीबी ने पूर्व मंत्री महेश जोशी को जयपुर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया है। डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह के मुताबिक एसीबी सुबह करीब 5 बजे सैन कॉलोनी, पावर हाउस रोड, जयपुर रेलवे स्टेशन के पास पहुंच गई थी। यहां महेश जोशी को उनके आवास से पकड़ा।
पिछले साल अप्रैल में ED ने गिरफ्तार किया था
मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में अप्रैल-2025 में महेश जोशी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अरेस्ट किया था। पिछले साल महेश जोशी 7 महीने जेल में रहे थे। 3 दिसंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी। आरोप है कि पीएचईडी मंत्री के पद का दुरुपयोग कर उन्होंने टेंडर के बदले रिश्वत ली थी। एसीबी की ओर से साल-2024 के अंत में पूर्व मंत्री महेश जोशी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
इस घोटाले की साल 2024 में शुरू हुई जांच में अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 3 आरोपी फरार हैं।
पूर्व मंत्री सहित 22 अधिकारियों पर मामला दर्ज
जल जीवन मिशन में हुए घोटाले को लेकर एसीबी की ओर से पूर्व मंत्री महेश जोशी सहित 22 अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसमें जेजेएम के वित्तीय सलाहकार सुनील शर्मा, तत्कालीन चीफ इंजीनियर राम करण मीणा, दिनेश गोयल, एडिशनल चीफ इंजीनियर अरुण श्रीवास्तव, रमेश चंद मीणा, परितोष गुप्ता, सुपरिटेंडेंट इंजीनियर निरिल कुमार, विकास गुप्ता, महेंद्र प्रकाश सोनी, भगवान सहाय जाजू, जितेंद्र शर्मा और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर विशाल सक्सेना के नाम शामिल हैं। इस पूरे मामले में एसीबी को ईमेल आईडी से बड़ी लीड मिली थी। एक-एक आईडी की जांच करने पर सभी अधिकारियों के नामों का खुलासा हुआ। आरोप है कि ये लोग फेक सर्टिफिकेट पर टेंडर देकर भ्रष्टाचार कर रहे थे।
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