Women Reservation Bill: महिला आरक्षण और परिसीमन पर तीन दिन के विशेष सत्र के दौरान संसद में आज(16 अप्रैल) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने संबोधित किया. जिसपर बीजेपी और विपक्षी सांसदों की प्रतिक्रिया आई है. इसी कड़ी में भाजपा सांसद रवि किशन ने कहा कि 25-30 सालों से इन लोगों ने इसे नहीं किया. महिलाओं की आवाज़ को दबाकर रखा, हमेशा लेकिन, किंतु, परंतु ढूंढा. महिलाओं के साथ अत्याचार हुआ है. वे हर क्षेत्र में आगे हैं. प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि अगर आपको क्रेडिट चाहिए तो ले लें. इसका समर्थन करें नहीं तो बुरी तरह हारेंगे, 2027 में उत्तर प्रदेश चुनाव, बंगाल चुनाव. महिलाओं को आना चाहिए, वे काबिल हैं. विपक्ष को महिलाएं माफ नहीं करेंगी.
“यह देश की आधी आबादी के साथ अन्याय है”
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि प्रधानमंत्री ने बहुत स्पष्टता से सारी बातें कही. हम किसी लाभ, नुकसान के लिए बात नहीं कर रहे हैं. जो चीज़ दशकों पहले हो जानी चाहिए थी उसका आज तक नहीं होना दर्शाता है कि नीयत में कोई कमी है। विपक्ष ने हर बार किसी न किसी विषय को बहाना बनाकर महिला आरक्षण को रोकने का काम किया. यह देश की आधी आबादी के साथ अन्याय है. मैं भी सबसे आग्रह करता हूं कि सबको एकजुट होकर बड़े लक्ष्य की ओर अग्रसर होना चाहिए. यहां हम जाति, धर्म की राजनीति करने नहीं आए हैं. हमें सभी के हितों का ध्यान रखने की जरूरत है.
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“राष्ट्र के निर्माण में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो”
भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने कहा कि हर जगह जो महिलाओं के साथ अत्याचार हो रहा है वह समाप्त होगा, जो महिलाएं चुनकर आएंगी वह बाकी महिलाओं के लिए प्रेरणा बनेंगी. प्रधानमंत्री मोदी यही चाहते हैं कि राष्ट्र के निर्माण में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो.
“महिला आरक्षण की आड़ में नीयत कुछ और है”
समाजवादी पार्टी सांसद धर्मेंद्र यादव ने PM मोदी के भाषण पर कहा कि मैंने जब आपत्ति जताई थी तब भी कहा था कि महिला आरक्षण की आड़ में नीयत कुछ और है. इनकी नीयत पूरे देश को असम, कश्मीर बनाने की है, जिस तरह वहां परिसीमन हुआ. महिला आरक्षण बिल पर देश की सभी पार्टियां साथ थी, 2023 में सर्वसम्मति से यह पारित हुआ. आखिर परिसीमन की नई बात क्यों निकलकर आ रही है? सरकार खुद महिलाओं की आड़ में पूरे देश की व्यवस्था को अपनी तरह से चलाना चाहती है जिसका विपक्ष विरोध कर रहा है.
“इसके लिए हम सब एकजुट हैं”
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रधानमंत्री मोदी के भाषण पर कहा कि हम सब जानते हैं कि महिला आरक्षण कांग्रेस, राजीव गांधी की विचारधारा थी और स्थानीय और शहरी निकाय चुनावों में कांग्रेस ने महिलाओं को आरक्षण दिया था. 2023 में हमने सर्वसम्मति से महिला आरक्षण विधेयक पारित किया था लेकिन यह लागू नहीं हुआ. इसके लिए हम सब एकजुट हैं लेकिन हम परिसीमन के खिलाफ हैं. परिसीमन एक भेदभावपूर्ण विधेयक है, यह दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर के साथ भेदभाव है. लोगों को पता है कि इससे उन्हें नुकसान होगा इसलिए हम इसका विरोध करेंगे.
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