Rambhadracharya On UGC:UGC नियम पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि सरकार को इस कानून को वापस लेना होगा, ये कानून लागू नहीं हो सकता है. इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर देश को गृहयुद्ध से बचाना है तो इस कानून को वापस लेना ही पड़ेगा. उनके रहते हुए इस कानून को लागू नहीं किया जा सकता है. उन्होंने केंद्र सरकार को घेरते हुए सवाल पूछा कि यूजीसी गाइडलाइंस की क्या आवश्यकता थी? समाज में क्यों भेदभाव किया जा रहा है. समाज का विभाजन स्वीकार्य नहीं है.
“ब्राह्मण कभी जातिवादी नहीं रहा”
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने आगे कहा कि ब्राह्मण कभी जातिवादी नहीं रहा है. दुर्भाग्य से अनेक ब्राह्मण मांस सेवन, मछली खाने और शराब का सेवन करने लगे हैं. ऐसे ब्राह्मणों को स्वयं जागरूक होना होगा. बता दें कि यूजीसी की नई गाइडलाइंस का सवर्ण समाज में खासा विरोध देखने को मिला. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अभी रोक लगा दी है. वहीं दूसरी तरफ एससी, ओबीसी, एसटी वर्ग के लोग इसका समर्थन कर रहे हैं और यूजीसी के नियमों को लागू करने की मांग कर रहे हैं.
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“बस्ती को वशिष्ठ नगर होना ही होगा”
वहीं उन्होंने कहा कि बस्ती को वशिष्ठ नगर होना ही होगा. यहां के बढ़नी मिश्र गांव की अपनी अध्यात्मिक विशेषता है. गुरु वशिष्ठ ने निषाद राज को आदर किया था. अगर द्रोणाचार्य ने कर्ण को शिक्षा देने से मना नहीं किया होता तो महाभारत नहीं होती.
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