AI Impact Summit 2026: दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnav) ने AI इम्पैक्ट समिट पर कहा कि चाहे वह नेटफ्लिक्स हो, यूट्यूब हो, मेटा हो या X, सभी को भारत के संविधान के दायरे में काम करना होगा. इससे पहले केंद्रीय मंत्री ने कहा कि AI समिट को लेकर बहुत उत्साह है. 3 लाख से ज़्यादा छात्रों और रिसर्चर्स ने रजिस्ट्रेशन किया है. कई सेशन फुल हो रहे हैं, युवाओं में बहुत उत्साह है. इस समिट के माध्यम से देश भर में एक नई ऊर्जा पैदा हुई है, युवाओं में जोश है कि हम AI का इस्तेमाल करके आबादी के स्तर पर बड़ी समस्याओं का कैसे समाधान कर सकते हैं.
“AI 5वीं औद्योगिक क्रांति है”
अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnav) ने आगे कहा कि AI 5वीं औद्योगिक क्रांति है. भारत में हो रहा AI इम्पैक्ट समिट दुनिया का सबसे बड़ा AI समिट है. इसमें देश और दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्ष और नेता शामिल हो रहे हैं. हमें इस तकनीक को आगे ले जाना है और यह संतुलन बनाना होगा कि हम AI का इस्तेमाल समाज की समस्याओं को हल करने के लिए कैसे कर सकते हैं और इसके नुकसान को कैसे रोक सकते हैं.
“AI वाली शिक्षा देना हमारी ज़िम्मेदारी”
वहीं केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) ने कहा कि भारत की नई पीढ़ी को AI वाली शिक्षा देना हमारी ज़िम्मेदारी है. प्रधानमंत्री ने AI इम्पैक्ट समिट आयोजित करके भारत की नई पीढ़ी को प्रोत्साहित किया, और वे इसमें हिस्सा ले रहे हैं. शिक्षा में AI का इस्तेमाल करके हम AI का इस्तेमाल करके अपने छात्रों, स्कूलों और शिक्षकों को कैसे मज़बूत बना सकते हैं, यह प्राथमिकता बन गई है.
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“पूरा भारत AI के लिए तैयार है”
केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी (Jayant Chaudhary) ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं, पूरा भारत उत्साहित है. पूरा भारत AI के लिए तैयार है. जैसे वित्त, DPI की दुनिया में सामाजिक और सरकारी सेवाओं को जनता के लिए आसान बनाया गया, वैसे ही प्लेटफॉर्म डेवलप किए जाने चाहिए ताकि हम जो डेटा बना रहे हैं, उसका इस्तेमाल रिसर्चर, इनोवेटर कर सकें. वे उस डेटा का इस्तेमाल करके दुनिया के लिए समाधान दे सकें.



