Babri Masjid Controversy: निलंबित तृणमूल विधायक व जनता उन्नयन पार्टी (JUP) के अध्यक्ष हुमायूं कबीर (Humayun Kabir) बाबरी मस्जिद के निर्माण पर बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि जब राम मंदिर बना तो हमने उसका विरोध नहीं किया. बहरामपुर में भी राम मंदिर की नींव रखी गई थी, किसी ने उसका विरोध नहीं किया. संविधान मुझे अपने धर्म से जुड़े मामलों पर फैसला लेने का अधिकार देता है. उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद के निर्माण में कोई बाधा मुझे रोक नहीं सकती और अगर कोई रुकावट आती है, तो मैं उसका मुकाबला करूंगा. बाबरी यात्रा 12 फरवरी को होगी. यात्रा की कुल दूरी 235 किलोमीटर है और यह रात में इटाहार में खत्म होगी.
मस्जिद का विरोध करने वालों को खुली चेतावनी
हुमायूं कबीर (Humayun Kabir) ने आगे कहा कि बाबरी मस्जिद का निर्माण 11 तारीख को सुबह 10 बजे 1,200 लोगों द्वारा कुरान पढ़ने के साथ शुरू होगा. निर्माण कार्य दोपहर 12 बजे शुरू होगा. मस्जिद दो साल के अंदर पूरी हो जाएगी. 11 फरवरी को ही विश्व हिंदू रक्षा परिषद बाबरी मस्जिद के विरोध में उत्तर प्रदेश से मुर्शिदाबाद आने वाली है. ऐसे में हुमांयू कबीर ने बाबरी मस्जिद का विरोध करने वालों को खुली चेतावनी दी है.
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“सब बातों से कोई फर्क नहीं पड़ता”
हुमायूं कबीर (Humayun Kabir) ने कहा कि मुझे इन सब बातों से कोई फर्क नहीं पड़ता. यह अयोध्या और उत्तर प्रदेश नहीं है. यह भारतवर्ष का राज्य पश्चिमी बंगाल है और उन्हीं जिलों में से एक है मुर्शिदाबाद. उन्होंने कहा कि एक समय में बंगाल, बिहार, ओडिशा इसी मुर्शिदाबाद से चलते थे. ब्रिटिश राज में लॉर्ड क्लाइव यहीं से चलते थे. आजादी के बाद हमारी राजधानी कोलकाता है, यह सब जानते हैं, हम अपने मुर्शिदाबाद की पुरानी परंपराओं को वापस लाने जा रहे हैं.
“किसी भी धर्म के लोगों से सख्ती से बात करने को तैयार नहीं हूं”
उन्होंने (Humayun Kabir) कहा कि मैं इस मुर्शिदाबाद में किसी भी धर्म के लोगों से सख्ती से बात करने को तैयार नहीं हूं. हमें मस्जिद बनाने का कानूनी हक है और उस मस्जिद का नाम बाबरी हो या हुमायूं या शाहजहां यह पूरी तरह से मेरे हक में है. अगर इतनी शेखी बघारनी है तो 10 तारीख या 11 तारीख को उस जगह पर आकर दिखाओ, जहां बाबरी मस्जिद बन रही है.



