Muslim Ban in Gangotri Dham: उत्तराखंड में गंगोत्री धाम, हरिद्वार घाटों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर बैन लगाने के मामले पर सियासत तेज होती जा रही है. इसी बीच वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व सांसद मजीद मेमन ने कहा कि राज्य सरकार का ये फैसला अगर संवैधानिक अधिकारों के साथ टकराता है, तो वो टिक नहीं पाएगा. क्योंकि इस तरह की पाबंदी लगाने में कुछ शर्तें जरूर होती हैं. कानूनी तौर पर बैन लगा देना कि गैर-हिंदू वहां आ नहीं सकता. अगर इसे चुनौती दी जाए न्यायालय में, तो मुझे लगता है कि फैसला रद्द हो जाएगा.
“देश का संविधान मानते हैं या नहीं”
वहीं कांग्रेस नेता हुसैन दलवाई ने उत्तराखंड में गंगोत्री धाम, हरिद्वार घाटों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर बैन लगाने के मामले पर कहा कि मेरे ख्याल से यह मिनी हिंदू राष्ट्र बनाने की बात है. यह गलत बात है. देश का संविधान मानते हैं या नहीं. सवाल यह है. इसके खिलाफ भी कांग्रेस का खड़ा रहना ज़रूरी है.
“यह देश सभी जाति और धर्म के लोगों का है”
यूपी के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने उत्तराखंड में गैर-हिंदुओं के धार्मिक स्थलों में घुसने पर रोक के मामले पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी के बयान पर कहा, “यह देश सभी जाति और धर्म के लोगों का है. कहीं भी किसी को रोक नहीं है. अजमेर शरीफ में मैं देखता हूं कि हर जाति-धर्म के लोग जाते हैं चादर चढ़ाने.बयान देना अलग बात है और उसका पालन होना बड़ा कठिन काम होता है.
“धार्मिक दृष्टिकोण से देखा जाए”
हरिद्वार के श्री सर्वेश्वर महादेव मंदिर के मुख्य पुजारी गोलू चौबे ने कहा कि हरिद्वार न सिर्फ देश के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए आस्था का केंद्र है. इसलिए, धार्मिक दृष्टिकोण से देखा जाए, तो सिर्फ हरिद्वार में ही नहीं, बल्कि पूरे भारत में जितने भी तीर्थक्षेत्र है, गंगाजी का किनारा है हर स्थल पर बैन किया जाना चाहिए. क्योंकि जब हम किसी के आस्था के केंद्रों पर नहीं जा रहे हैं, तो धार्मिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो हमारे भी आस्था के केंद्र और तीर्थ स्थलों पर भी इनके प्रवेश पर बैन होना चाहिए.
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“इस्लाम का भी प्रवेश वर्जित होना चाहिए”
वहीं निर्मोही अखाड़े के राष्ट्रीय प्रमुख भगवान दास महाराज ने मठ-मंदिरों में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक मामले पर कहा कि ये विवाद पैदा होने के कारण हम लोग नहीं चाहते हैं कि किसी भी प्रकार का विवाद आगे बढ़े, इसलिए बिल्कुल रोक होना चाहिए. यदि मस्जिद में सनातनी नहीं जा सकते, तो सनातनी मठ मंदिरों में इस्लाम का भी प्रवेश वर्जित होना चाहिए. पहले तो हम लोगों के यहां कोई रोक-टोक नहीं था, क्योंकि हम सनातनी हैं, सनातन सत्य पर आधारित हैं और हमारा एक देश ऐसा है कि जहां सभी के लिए प्रवेश है, हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, आपस में हम भाई-भाई. अब जैसी स्थितियां पैदा हो रही है, उसको देख करके बढ़ा कष्ट हो रहा है, “गौ हमारी माता है, देश धर्म का नाता है. हमारे मठ-मंदिरों की सुरक्षा होनी चाहिए. मठ-मंदिरों में गैर-हिंदू का प्रवेश वर्जित होना ही चाहिए.



