AR Rahman: दिग्गज संगीतकार एआर रहमान अपने एक बयान की वजह से चर्चाओं में आ गए हैं. एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा कि पिछले 8 सालों से बॉलीवुड में उन्हें काम कम मिल रहा है. हिंदी सिनेमा में अब सांप्रदायिकता घर कर गई है. एआर रहमान के इस बयान से राजनीतिक और फिल्मी गलियारों में हलचल मच गई है. इसी कड़ी में AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा कि एआर रहमान एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर, जाने-माने म्यूज़िक कंपोज़र हैं. अगर उन्होंने यह कहा है, तो इस पर सोचना चाहिए.
“जय श्री राम के नाम पर मॉब लिंचिंग की जा रही है”
वारिस पठान ने आगे कहा कि मैंने उनका बयान सुना या पढ़ा नहीं है. हम भी यही बात कह रहे हैं. जब से भाजपा सत्ता में आई है, सिर्फ़ एक ही चीज़ देखी गई है, वे नफ़रत फैला रहे हैं. ध्रुवीकरण की वजह से नफ़रत इतनी फैल गई है कि मदरसों को निशाना बनाया जा रहा है, जय श्री राम के नाम पर मॉब लिंचिंग की जा रही है, बीफ़ ले जाने के झूठे बहाने से मॉब लिंचिंग की जा रही है. उनके नफ़रती लोग मुसलमानों के ख़िलाफ़ बकवास करते हैं. यह मुसलमानों द्वारा फैलाई गई नफ़रत का नतीजा है कि इतने जाने-माने कंपोज़र ऐसी बातें कह रहे हैं.
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“मुझे कभी ऐसा नहीं लगा”
वहीं दूसरी तरफ एआर रहमान के बयान पर गीतकार जावेद अख्तर का कहना है कि मुझे कभी ऐसा नहीं लगा. मैं मुंबई में रहता हूं सभी लोगों से मिलता हूं. लोग मेरा काफी सम्मान करते हैं. उन्होंने आगे कहा कि शायद लोग यह समझते होंगे कि एआर रहमान वेस्ट में ज्यादा व्यस्त रहते हैं, शो में ज्यादा समय देते हैं. इसलिए मेरे पास आएंगे या नहीं. एआर रहमान इतनी महान शख्सियत हैं कि छोटे निर्माता भी उनके पास जानें में झिझक महसूस कर सकते हैं.



